भाजपा का दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण शिविर नवाचारों के साथ ऐतिहासिक संपन्न
घोटाले करके जमानतों पर चल रहे लोगों से देश को बचाना है – मदन राठौड़
अंत्योदय, एकात्म मानववाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना भाजपा की कार्य पद्धति में – अर्जुनराम मेघवाल
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
जहाजपुर, 24 मई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अंतर्गत भाजपा जिला संगठन द्वारा जहाजपुर (यज्ञपुर) स्थित स्वस्तिधाम मांगलिक भवन में आयोजित दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण शिविर रविवार को नवाचारों और अनुशासित व्यवस्थाओं के साथ ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। शिविर के समापन अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि देश में घोटाले करके जमानतों पर चल रहे लोगों से भारत राष्ट्र को बचाना है। इसके लिए आवश्यक है कि देश के कण-कण के प्रति आत्मीयता रखने वाले और महापुरुषों का सम्मान करने वाले लोगों का शासन रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता के लिए नहीं, बल्कि विचारधारा के लिए कार्य करने वाली पार्टी है, किंतु राष्ट्र को विकास और वैभव के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए सत्ता में आकर कार्य करना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्राप्त कर लोकतंत्र का योद्धा बनना होगा तथा राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य करना होगा। मदन राठौड़ ने भीलवाड़ा जिले के इस प्रशिक्षण शिविर में किए गए नवाचारों की सराहना करते हुए इसे प्रदेश में अग्रणी बताया।
जिला प्रवक्ता अंकुर बोरदिया ने बताया कि दसवें सत्र में केंद्रीय कानून, संस्कृति एवं संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को अपनी कार्यपद्धति में अंत्योदय, एकात्म मानववाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना को समाहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान दिलाना ही भाजपा की कार्यशैली का मूल उद्देश्य है।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, सांसद , वर्ग प्रभारी पुखराज पहाड़िया, वर्ग प्रमुख सुभाष बहेड़िया, जिला संगठन प्रभारी संजय जैन, सह प्रभारी मिठूलाल जाट, विधायक गोपीचंद मीणा, लालाराम बेरवा, उदयलाल भडाणा, जब्बर सिंह सांखला, गोपाल खंडेलवाल, लादूलाल पीतलिया, पूर्व महापौर राकेश पाठक, वर्ग संयोजक अविनाश जीनगर, पूर्व विधायक बालूलाल जाट, रामलाल गुर्जर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बूथ जीता तो चुनाव जीता के मूलमंत्र पर जोर
सातवें सत्र में पूर्व मंत्री एवं अजमेर दक्षिण विधायक ने बूथ प्रबंधन पर विचार व्यक्त करते हुए “मेरा बूथ-सबसे मजबूत” के संकल्प को दोहराया। उन्होंने बूथ समितियों के गठन, मतदाता सूची पुनरीक्षण तथा घर-घर संपर्क अभियान को मजबूत करने पर बल दिया।
राष्ट्रहित की पोस्ट को करें लाइक, शेयर और रीट्वीट
आठवें सत्र में महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री मुकेश कंवर ने सोशल मीडिया एवं एआई विषय पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों पर पार्टी की विचारधारा को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के गुर सिखाए तथा राष्ट्रहित से जुड़ी पोस्ट को लाइक, शेयर, रीट्वीट और कमेंट करने का आह्वान किया।
विधायकों ने साझा किए कौशल प्रबंधन के अनुभव
नौवें सत्र में जिले के विभिन्न विधायकों ने संगठनात्मक और प्रबंधन कौशल पर अपने अनुभव साझा किए। लालाराम बैरवा ने प्रशिक्षण कार्यप्रणाली, उदयलाल भडाणा ने वक्तृत्व कला, गोपाल खंडेलवाल ने कार्यालय प्रबंधन, गोपीचंद मीणा ने मीडिया प्रबंधन, लादूलाल पीतलिया ने चुनाव प्रबंधन तथा जब्बरसिंह सांखला ने वर्तमान समय में प्रशिक्षण की उपयोगिता पर विचार रखे।
प्रबंधन टोली का हुआ सम्मान
समापन समारोह में आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में योगदान देने वाली संचालन समिति, क्लस्टर इंचार्ज और प्रबंधन टोली के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं का मंचासीन अतिथियों द्वारा उपरना ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
ऑनलाइन क्विज और प्रमाणपत्र बने आकर्षण का केंद्र
शिविर के दौरान राष्ट्रीय मुद्दों, संगठन के इतिहास और समसामयिक विषयों पर आधारित ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। जिलाध्यक्ष, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लेकर प्रमाणपत्र प्राप्त किए।
योग, शाखा और देवदर्शन से हुई दूसरे दिन की शुरुआत
शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत प्रातःकालीन योग, प्राणायाम एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा के साथ हुई। इसके पश्चात जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा के नेतृत्व में सभी शिविरार्थियों ने स्वस्तिधाम जहाज मंदिर पहुंचकर संतजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्लास्टिक मुक्त शिविर बना आकर्षण
प्रधानमंत्री के स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को ध्यान में रखते हुए शिविर को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त रखा गया। जूट से बने फोल्डर, कागज के परिचय पत्र, कुल्हड़ में पेय पदार्थ वितरण तथा भोजन में स्टील के बर्तनों का उपयोग जैसे नवाचारों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। शिविर के आवासीय कक्षों और हॉल का नामकरण महापुरुषों एवं पार्टी के दिवंगत वरिष्ठ नेताओं के नाम पर किया गया।
स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
शिविर में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। प्रतिभागियों ने अपने बर्तन स्वयं धोकर स्वच्छता का संदेश दिया तथा भोजन स्थलों पर अनुशासन बनाए रखा। साथ ही चिकित्सा कर्मियों की टीम भी पूरे समय शिविर स्थल पर तैनात रही।


