मेवाड़ महामंडलेश्वर स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती ने 5100 अंखड दीप व माता वैष्णो देवी के दरबार के किये दर्शन -देशभर के विविध संगठनों सहित संतगण व श्रद्धालु ने निभाई अपनी सहभागिता ✍️ *मोनू नामदेव।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*

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मेवाड़ महामंडलेश्वर स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती ने 5100 अंखड दीप व माता वैष्णो देवी के दरबार के किये दर्शन

-देशभर के विविध संगठनों सहित संतगण व श्रद्धालु ने निभाई अपनी सहभागिता

✍️ *मोनू नामदेव।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*

भीलवाड़ा। चैत्र प्रतिपदा नवरात्रि के अवसर पर भारत में प्रथम बार माता वैष्णो देवी का दरबार गुफा के समक्ष, हिन्दू राष्ट्र की कामना करने के उद्देश्य से 5100 दीपक की अखंड ज्योत के दर्शन हरी शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में हो रहे है। पंकज आडवाणी ने बताया कि, संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबू गिरी महाराज की पहल व महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में यह कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास से चल रहा है। देश भर से श्रद्धालु 5100 अखंड ज्योत के दर्शन, 120 फीट लंबी विशाल गुफा में माता वैष्णो देवी दरबार तक दर्शन करने पहुंच रहे है। इसी क्रम में चावंड उदयपुर से मेवाड़ महामंडलेश्वर स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती, पंचमुखी दरबार के महंत लक्ष्मण दास जी त्यागी, संत हिरदाराम नगर के संत तुलसी कलतारी, भीलवाड़ा सीओ सदर श्याम सुंदर विश्नोई, भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र तीर्थाणी, अहमदाबाद से भक्त रमेश अभिचंदानी, जयराम अभिचंदानी, चित्तौड़गढ़ से मनोज मेठानी, अजमेर से प्रकाश मूलचंदानी, सूरत से अशोक आहूजा सहित कई जिलों से संतगण, श्रद्धालु आश्रम पधारकर दर्शन कर लाभ प्राप्त कर रहे है। मेवाड़ महामंडलेश्वर स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि 5100 दीपक का परिदृश्य के दर्शन करके ऐसा आभास होता है कि जैसे स्वयं माँ भगवती वैष्णोदेवी आशीर्वाद प्रदान कर रही है, माँ भगवती वैष्णोदेवी ने इस राजस्थान मेवाड़ क्षेत्र में भीलवाड़ा की हरी शेवा धाम धरा को चुना है। नव वर्ष चैत्र प्रतिपदा के अवसर पर आश्रम में 23 मार्च 2025 से 6 अप्रेल 2025 राम नवमी तक चल रहे सतत सनातन सत्संग पखवाड़े के अंतर्गत नित्य प्रतिदिन रात्रि 8 बजे 10 बजे तक डॉ. विष्णु सांगवत एवं उनकी मंडली द्वारा भजनों का कार्यक्रम भी किया जा रहा है। जिसमे मातृशक्ति भी बढ़चढ़कर हिस्सा ले रही है। इस दौरान संत मयाराम, संत राजाराम, संत गोविंदराम, ब्रह्मचारी इंद्रदेव, कुनाल, सिद्धार्थ, मिहिर, गजानंद बजाज, कन्हैयालाल स्वर्णकार, बद्रीलाल सोमानी, हीरालाल गुरनानी, गोपाल नानकानी, पंकज आडवाणी, इंद्र अवतानी, रमेश नेभवानी, देवीदास गेहानी, महेश नावानी, राजा टिकयानी, लक्ष्मण लालवानी, विजय मोटवानी, सूरज सेन, परमानंद तनवानी, दिनेश अमरवासी, राजकुमार खुशलानी, ललित, कमलेश, राम, स्वरम त्रिपाठी, दिव्यांशु दाधीच, अक्षत सोनी सहित बड़ी संख्या में सनातनी श्रद्धालु उपस्थित थे।

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