*🍁7️⃣3️⃣0️⃣ एक्जिमा Eczema (खुजली) के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज और परहेज:*
*🔸एक्जिमा के बारे में आपने भी सुना होगा। यह एक तरह का चर्म रोग है। शरीर में जिस भी स्थान पर एक्जिमा होता है। वहां बहुत अधिक खुजली होती है। खुजली करते-करते कभी-कभी खून भी निकल आता है। आमतौर पर लोग ऐलोपैथिक दवाओं से एक्जिमा का इलाज करने की कोशिश करते हैं लेकिन अक्सर ऐसा देखा जाता है कि एक्जिमा का पूरी तरह उपचार नहीं हो पाता है।*
*ऐसे में आप आयुर्वेदिक उपाय को आजमा सकते हैं। यह ना सिर्फ एक्जिमा को खत्म करने में सहायता करता है बल्कि अनेक तरह के चर्म रोगों में भी काम आता है।*
*🔹एक्जिमा क्या है (What is Eczema?)*
*वास्तव में एक्जिमा एक तरह का खुजली का रोग है लेकिन यह सामान्य खुजली से अलग होता है। यह अपने आप में एक रोग है। त्वचा को कई संक्रमणों का सामना करना पड़ता है और उसी में से एक एक्जिमा है। एक्जिमा त्वचा रोगों में होने वाली सबसे आम समस्या है।*
*एक्जिमा शब्द की उत्पत्ति ग्रीक शब्द से हुई है जिसका अर्थ होता है “उबल जाना”। यह एक ऐसा त्वचा विकार है जो पूरे विश्व में लगभग सभी को प्रभावित करता है। एक्जिमा होने पर शरीर में तीव्र खुजली आती है और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ने लगते हैं। यह रोग कईं बार वंशानुगत रूप से भी देखा जाता है।*
*🔹एक्जिमा, दाद और खुजली में अन्तर (Difference Among Eczema, Ringworm and Itching):*
*एक्जिमा, दाद और खुजली में भिन्नता की पहचान ऐसे की जा सकती हैः*
*एक्जिमा तीव्र खुजली के रूप में होने वाला रोग है। इसका सटीक कारण अभी तक पता नहीं चला है। यह लाल एवं सूखे चकत्तों के रूप में त्वचा में होता है।*
*दाद एक तरह का फंगल संक्रमण है जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से या उसके कपड़े और साबुन प्रयोग करने से होता है। यह त्वचा की बाहरी परत में एक फंगस परजीवी के कारण होता है। यह परजीवी बाहरी त्वचा की कोशिकाओं में पनपता है। यह गोल चकत्तों के रूप में होता है जिनमें खुजली होती है और पपड़ी निकलती है।*
*खुजली सामान्य रूप से त्वचा में होने वाली किसी भी प्रकार की एलर्जी का लक्षण है। यह स्वयं रोग न होकर दाद, एक्जिमा, आदि चर्म रोगों का लक्षण है।*
*कभी-कभी कुछ उत्तेजक वस्तुओं के सम्पर्क में आने से खुजली हो जाती है। कुछ समय बाद वह अपने आप ही ठीक हो जाती है।*
*🔹एगजिमा के कारण:*
*आयुर्वेद में तीन दोष माने गए हैं:*
*वात, पित्त एवं कफ।*
*इन तीन दोषों के संतुलन से ही शरीर सही प्रकार से कार्य करता है एवं इनके असंतुलन के कारण ही कोई भी रोग उत्पन्न होता है। सभी रोग इन तीनों दोषों के दूषित होने और इनके घटने या बढ़ने से होते हैं।*
*एक्जिमा रोग में तीनों दोषों की दुष्टि पाई जाती है। अनुचित खान-पान एवं जीवनशैली के कारण दोष विकृत होकर रक्त को दूषित करते हैं और त्वचा रोगें को उत्पन्न करते हैं जिस कारण एक्जिमा रोग होता है।*
*एक्जिमा होने के निम्न कारण भी हो सकते हैंः*
*एक्जिमा का सटीक कारण अभी तक ज्ञात नहीं है लेकिन माना जाता है कि यह वंशानुगत (अनुवांशिक) तथा वातवरणीय एवं पर्यावरणीय कारणों से होता है। देखा जाता है कि माता-पिता को या माता-पिता में से किसी एक को एक्जिमा रोग हो तो यह संतान को भी प्रभावित करता है।*
*बैक्टीरियल संक्रमण के कारण भी एक्जिमा होता है। यह मुख्यतः स्टेफिलोकोकस ऑरियस (Staphylococcus aureus) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है।*
*किसी प्रकार की एलर्जी के कारण जैसे:*
*▪️डैंड्रफ, मोल्ड, पराग कण, घरेलू जानवरों के संपर्क में आने से या धूल-मिट्टी के संपर्क में आने के कारण भी हो सकता है।*
*▪️ठंडे और गर्म तापमान में तुरन्त जाना या नमीयुक्त और आर्द्रतायुक्त वातावरण के सम्पर्क में आने से भी हो सकता है।*
*▪️किसी विशेष खाद्य पदार्थ के प्रति एलर्जिक होना जैसे- सोया उत्पाद, गेहूँ, नट्स, अण्डे, मछली, सीसम के बीज।*
*▪️निकल या कॉपर जैसी धातुओं के आभूषण पहनना।*
*▪️तनाव भी एक कारण है।* *आमतौर पर तनाव एक्जिमा के लक्षणों को और बढ़ा देता है।*
*▪️साबुन या डिटर्जन्ट के कारण।*
*▪️महिलाआएं में हार्मोन में उतार-चढ़ाव के कारण भी एक्जिमा होता है।*
*▪️महिलाओं में अक्सर मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान एक्जिमा के लक्षण और तीव्र हो जाते हैं।*
*🔹एक्जिमा के लक्षण (Eczema or Itching Symptoms):*
*ये एक्जिमा के लक्षण हो सकते हैंः*
*▪️बहुत खुजली होना।*
*खुजाने से त्वचा पर लाल चकत्ते एवं छोटी-छोटी फुंसिया उभर जाना और कभी-कभी सफेद प्लेक बनना।*
*▪️तीव्र खुजली होने पर खुजलाने से खून भी निकलने लगता है।*
*▪️त्वचा पर जलन होना।*
*▪️चिड़चिड़ापन एवं अवसाद।*
*🔹एक्जिमा के प्रकार (Types of Eczema):*
*एक्जिमा कई तरह के होते हैं, जो ये हैंः*
*▪️एटॉपिक डर्मेटाइटिस (Atopic dermatitis)*
*यह एक्जिमा का सबसे आम रूप है। यह अक्सर बच्चों में देखा जाता है और व्यस्क होने पर दूर हो जाता है।*
*▪️डिशिड्रोटिक एक्जिमा (Dyshidrotic eczema):*
*इसमें हाथों और पैरों में छोटे फफोले बन जाते हैं। यह महिलाओं में अधिक देखा जाता है।*
*▪️न्यूरोडर्मेटाइटिस (Neurodermatitis):*
*यह एटॉपिक डर्मेटाइटिस (Atopic dermatitis) के ही समान है। इसमें त्वचा पर उभरे हुए प्लेकयुक्त चकत्ते बन जाते है।*
*▪️न्यूमुलर एक्जिमा (Nummular eczema):*
*इसमें त्वचा पर सिक्के के आकार के चकत्ते बन जाते हैं। इसमें बहुत अधिक खुजली होती है।*
*▪️कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस (Contact dermatitis):*
*यह किसी विशेष वस्तु को छूने से होता है। इसमें त्वचा पर खुजली एवं वह लाल हो जाते हैं।*
*🔹एक्जिमा के लिए घरेलु उपचार (Home Remedies for Eczema or Itching):*
*आप इन उपायों से एक्जिमा का इलाज कर सकते हैंः*
*🔸1. नारियल का तेल करता है एक्जिमा का इलाज:*
*एक्जिमा से प्रभावित स्थान पर नारियल का तेल लगाएँ। इससे खुजली एवं लालिमा में राहत मिलती है।*
*नारियल तेल में कच्चे कपूर को मिलाकर अच्छी प्रकार मिलाकर इसे रख लें और प्रभावित स्थान पर लगाएँ।*
*🔸2. शहद का प्रयोग दिलाता है एक्जिमा से मुक्ति:*
*शहद में एंटी-इंफ्लामेंटरी (Anti-inflammatory) गुण होते हैं। इसे खुजली वाले प्रभावित स्थान पर लगाकर आधे घण्टे के लिए छोड़ दें। इसके बाद ठण्डे पानी से धो लें।*
*🔸3. एलोवेरा के उपयोग से एक्जिमा का उपचार:*
*एलोवेरा भी एंटी-इंफ्लामेंटरी (Anti-inflammatory) गुणों से भरपूर है। ताजे एलोवेरा के पत्तों का पेस्ट निकाल कर इसे प्रभावित स्थान पर लगाएँ। इसे दो-तीन घण्टे तक ऐसे ही लगाकर छोड़ दें। ऐसा खुजली होने तक रोज करना चाहिए।*
*🔸4. हल्दी के इस्तेमाल से एक्जमा का घरेलू इलाज:*
*हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल (Anti-bacterial) और एंटी-इंफ्लामेंटरी (Anti-inflammatory) गुण होते हैं। हल्दी में दूध या गुलाब जल मिलाकर इसको प्रभावित स्थान पर लगाएँ। 15-20 मिनट रखने के बाद ठण्डे पानी से धो लें।*
*🔸5. तुलसी का प्रयोग कर पाएं एक्जिमा से मुक्ति:*
*तुलसी में मौजूद एंटी-माइक्रोबियल (Anti-microbial) गुण त्वचा को संक्रमण से छुटकारा दिलाता है और खुजली और जलन को शान्त करते हैं। तुलसी की चाय पिएँ और तुलसी के पत्तों का रस निकाल कर प्रभावित स्थान पर लगाएँ। कुछ देर लगा रहने के बाद पानी से धो लें।*
*🔸6. अलसी से एक्जिमा का इलाज:*
*अलसी के बीजों को पीसकर इसमें नींबू का रस मिलाएँ। अच्छी प्रकार मिलाकर इसे प्रभावित स्थान पर लगाएँ तथा 15-20 मिनट रखकर ठण्डे पानी से धो लें।*
*🔸7. त्रिफला और गिलोय से एक्जिमा का घरेलू उपचार:*
*त्रिफला और गिलोय की छाल को लेकर दो गिलास पानी में उबालें जब यह उबल कर आधा रह जा तब इसमें एक नींबू लेकर उसका रस मिला लें। अब इसे दिन में तीन बार पिएँ। एक महीने तक इसका लगातार सेवन करने से एक्जिमा रोग से छुटकारा मिल जाता है।*
*🔸8. नीम से कर सकते हैं एक्जिमा का इलाज;*
*नारियल में नीम के पत्तों को डालकर तेल पका लें। अब इस तेल को ठण्डा करके रख लें और प्रभावित स्थान पर लगाएँ।*
*🔸9. थूहर के इस्तेमाल से एक्जिमा की समस्या का इलाज:*
*थूहर का डण्डा कुट कर पकायें। जब थूहर पूरी तरह जल जाये तो छान कर हटा दें। ठण्डा होने पर शीशी में भर लें। नीम की पत्तियां डालकर खौलायें और पानी से साफ कर, रुई की फुरेरी से रोज 3-4 बार इस तेल का प्रयोग करेंं। इससे पुराने से पुराना रोग एक सप्ताह के प्रयोग से ही खत्म होगा।*
*🔸10. बबूल के प्रयोग से एक्जिमा की समस्या का उपचार:*
*बबूल के फूलों को पीसकर एक्जिमा पर लेप करने से अत्यन्त चमत्कारी योग है।*
*🔹एक्जिमा के दौरान आपका खान-पान:*
*एक्जिमा के दौरान आपका खान-पान ऐसा होना चाहिएः*
*संतुलित भोजन करें। ऐसे खाद्य पदार्थ जिनसे एलर्जी होने का खतरा रहता है जैसे नट्स, सोया उत्पाद और गेहूँ आदि का सेवन न करें।*
*इसके अलावा जो खाद्य पदार्थ आपके एक्जिमा को बढ़ाते हैं उनका सेवन बिल्कुल ना (home remedies for eczema) करें।*
*🔹एक्जमा के दौरान आपकी जीवनशैली:*
*एक्जमा के दौरान आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः*
*▪️गर्म पानी से नहाने की बजाय ठण्डे पानी से नहाएँ।*
*अगर गर्म पानी से नहाना हो तो अधिक देर तक न नहाएँ क्योंकि इससे त्वचा का सूखापन बढ़ सकता है।*
*▪️त्वचा पर कठोर साबुन या कैमिकल युक्त चीजों का प्रयोग न करें।*
*▪️तनाव से दूर रहें। अत्यधिक तनाव लेना एक्जिमा के लक्षणों को और बढ़ावा देता है।*
*▪️अत्यधिक गर्मी और सर्दी से त्वचा को बचाएँ। बहुत तेज धूप में त्वचा को कपड़े से ढ़क (home remedies for eczema) कर रखें।*
*▪️केवल सूती कपड़े ही पहनें, गर्म एवं ऊनी कपड़े पहनने से बचें। इनसे खुजली की समस्या और बढ़ सकती है।*
*🔹एक्जिमा की समस्या में डॉक्टर से कब सम्पर्क करें:*
*खुजली में क्षीरचंपा के फायदेएक्जिमा रोग एलर्जी और खुजली के लक्षणों से युक्त एक गम्भीर स्थिति है। इसमें अत्यधिक खुजली के कारण प्रभावित स्थान पर सूजी हुई सतह, लाल एवं प्लेकयुक्त हो जाती है। उपचार न किए जाने पर कईं बार खुजाने से खून भी निकल आता है तथा व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी एवं चिड़चिड़ापन आ जाता है। एक्जिमा के लक्षणों में तुरन्त घरेलू उपचार अपनाना चाहिए और इनसे आराम न मिलने पर डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।*
*🔴अस्वीकरण*
*मैं अपने किसी भी हेल्थ मैसेज का 100% सही होनें का दावा नहीं करता। इस टिप्स से काफी लोगों को फायदा हुआ है। कृपया आप किसी भी हेल्थ टिप्स पर अपने ऊपर प्रयोग करनें से पूर्व अपने वैद्य से राय लेवें।*
*🍁राजीव जैन*
*अध्यक्ष*
*बाल सेवा समिति, भीलवाड़ा*
*94141-13203*


