भाजपा को भीलवाड़ा में बड़ा झटका! सिंधी समाज की खुली बगावत, पूर्व पार्षद रमेश सिंधी समेत सैकड़ों कांग्रेस में शामिल ✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
टिकट बंटवारे को लेकर सकल सिंधी समाज में भारी नाराजगी — 70 वार्डों में 7 टिकटों की मांग, समाज बोला- हक नहीं मिला तो निर्दलीय या अन्य दल से लड़ेंगे चुनाव
भीलवाड़ा। नगर निगम चुनाव से पहले भीलवाड़ा भाजपा में सिंधी समाज की नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। एक ओर सकल सिंधी समाज ने भाजपा के सामने 70 वार्डों में कम से कम 7 वार्डों में सिंधी समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी है, वहीं दूसरी ओर भाजपा से जुड़े प्रमुख सिंधी नेताओं और सैकड़ों लोगों के कांग्रेस में शामिल होने से भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
सिंधी समाज के हरीश मानवानी ने कहा कि भीलवाड़ा में सिंधी समाज की आबादी करीब 20 हजार यानी लगभग 10 प्रतिशत मतदाता है। ऐसे में 70 वार्डों में समाज की जनसंख्या एवं मतदाता संख्या के अनुपात के अनुसार कम से कम 7 वार्डों में सिंधी समाज के प्रत्याशियों को भाजपा का टिकट मिलना चाहिए।
मानवानी ने कहा कि सिंधी समाज का 99.9 प्रतिशत मतदाता भाजपा के साथ रहा है, लेकिन यदि इस बार भाजपा ने समाज को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं दिया और 7 सीटों पर टिकट नहीं दिए, तो भीलवाड़ा सकल सिंधी समाज भाजपा के विरोध में निर्णय लेने को मजबूर होगा।
समाज की बैठक में बड़ा फैसला
इस मुद्दे को लेकर सेंट्रल पंचायत अध्यक्ष लीलाराम सबनानी, सेंट्रल पंचायत पूर्व अध्यक्ष रमेश सबनानी, महामंत्री चंद्रप्रकाश चंदवानी, विनोद झूरानी, राजकुमार दरयानी, आसनदास लीमानी, महेंद्र घबरानी, पंकज लुधानी, राजेश छतवानी, नवीन सबनानी, दीपक सबनानी, जितेंद्र दरयानी, मनोहर लालवानी, गिरधारी मेठानी, पवन ठाकूर, सतीश सोनी, जितेंद्र मोटवानी, गुलशन सबनानी सहित सैकड़ों समाजजनों एवं कार्यकर्ताओं ने बैठक कर आगामी रणनीति पर चर्चा की।
बैठक में कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि भाजपा ने समय रहते सिंधी समाज की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो समाज “बागी नहीं, योद्धा” बनकर अपने हक की लड़ाई लड़ेगा। जरूरत पड़ने पर समाज के योग्य उम्मीदवार निर्दलीय अथवा अन्य राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
इसी बीच भाजपा के बड़े सिंधी चेहरे कांग्रेस में
भाजपा में टिकट वितरण को लेकर चल रही नाराजगी के बीच राजनीतिक घटनाक्रम ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब भाजपा एवं सिंधी समाज के प्रमुख नेता और पूर्व पार्षद रमेश सिंधी, उनके पुत्र नवीन सिंधी, दिलीप रावानी, दीपक सबनानी सहित सैकड़ों सिंधी समाजजनों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।
कांग्रेस में शामिल हुए सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का मेवाड़ के प्रमुख नेता एवं पूर्व मंत्री धीरज गुर्जर तथा कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिवराम खटीक (जीपी) ने स्वागत किया और उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाकर पार्टी की शपथ दिलाई।
निगम चुनाव से पहले भाजपा के सामने बड़ी चुनौती
एक ही दिन में सिंधी समाज की नाराजगी, टिकटों में हिस्सेदारी की मांग और भाजपा से जुड़े प्रमुख चेहरों का कांग्रेस में जाना नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
सिंधी समाज की ओर से 7 टिकटों की मांग ने भाजपा के टिकट वितरण की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं समाज की ओर से निर्दलीय या अन्य दल से चुनाव लड़ने की चेतावनी ने चुनावी मुकाबले को और रोचक बना दिया है।
राजनीतिक हलकों में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा सिंधी समाज की नाराजगी दूर कर पाएगी या टिकट वितरण के बाद विरोध और बगावत का दायरा और बढ़ेगा?
नगर निगम चुनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है और राजनीतिक दलों में अंदरूनी उठापटक के बीच शाम तक और बड़े राजनीतिक धमाकों की चर्चाएं भी तेज हैं।
मोनू सुरेश छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान


