शाहपुरा में उमड़ा हिंदुत्व का ज्वार: विराट हिन्दू सम्मेलन में 1500 महिलाओं ने उठाये कलश, सामाजिक समरसता की मिसाल बनी ‘पंगत प्रसादी’
✍️ *मोनू सुरेश छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा (25 जनवरी 2026): शाहपुरा कस्बे में सनातन संस्कृति की रक्षा और हिंदू समाज की एकजुटता का एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के आह्वान पर आयोजित ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ और विशाल शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भगवामय कर दिया।
ऐतिहासिक शोभायात्रा और सजीव झांकियां:
रामनिवास धाम से गाजे-बाजे और ऊंट-घोड़ों के साथ शुरू हुई इस भव्य शोभायात्रा में 1500 महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कलश धारण किए। शोभायात्रा में छत्रपति शिवाजी महाराज, भगवान देवनारायण, रानी लक्ष्मीबाई, डॉ. आंबेडकर और महर्षि वाल्मीकि जैसे महापुरुषों की सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कस्बेवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
संतों का ओजस्वी संदेश:
धरती देवरा सभा स्थल पर आयोजित धर्मसभा में संत प्रकाशदास महाराज ने कहा, “हिंदू समाज को ऊंच-नीच और जातिवाद त्याग कर एकजुट होना होगा। संघ पिछले 100 वर्षों से सनातन की रक्षा कर रहा है।” उन्होंने गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने की शपथ भी दिलाई।
सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल:
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘समरसता भोज’ रहा, जहाँ समाज के सभी वर्गों के हजारों लोगों ने ऊंच-नीच का भेद मिटाकर एक साथ ‘पंगत प्रसादी’ ग्रहण की। पर्यावरण गतिविधि संयोजक विनोद मेलाणा और बस्ती संयोजक डॉ. परमेश्वर प्रसाद कुमावत ने भी समाज परिवर्तन और समरसता पर विचार व्यक्त किए।


