बजट 2026: ‘विकसित भारत 2047’ का रोडमैप है यह बजट, भीलवाड़ा के उद्योगों को मिलेगी नई रफ़्तार – प्रशांत मेवाड़ा
बजट 2026: प्रशांत मेवाड़ा ने बताया कैसे भीलवाड़ा का कपड़ा और खनन उद्योग बनेगा ग्लोबल लीडर
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा | 1 फरवरी, 2026 भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘ऐतिहासिक और समावेशी’ बताते हुए इसे ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को समर्पित किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताते हुए कहा कि यह बजट भीलवाड़ा की आर्थिक रीढ़—टेक्सटाइल और माइनिंग—को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।
भीलवाड़ा के उद्योगों के लिए ‘मेवाड़ा’ के प्रमुख बिंदु:
- टेक्सटाइल सेक्टर की नई उड़ान: मेवाड़ा ने कहा कि एकीकृत वस्त्र कार्यक्रम और ‘राष्ट्रीय फाइबर मिशन’ भीलवाड़ा के कपड़ा उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। निर्यात अवधि को 6 से बढ़ाकर 12 महीने करना स्थानीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है।
- माइनिंग सेक्टर को बूस्ट: दुर्लभ खनिज कॉरीडोर और TCS दर को 2% तक सीमित करने के प्रावधान से भीलवाड़ा के खनन व्यवसायियों की लागत कम होगी और कार्यक्षमता बढ़ेगी।
- MSME और टीयर-2 शहर: बजट में टीयर-2 और टीयर-3 शहरों के औद्योगिक प्रोत्साहन पर जोर दिया गया है, जिससे भीलवाड़ा जैसे शहरों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
हर वर्ग का रखा गया ध्यान
प्रशांत मेवाड़ा ने बजट की सराहना करते हुए बताया कि मध्यम वर्ग के लिए कर सरलीकरण, युवाओं के लिए ‘समर्थ 2.0’, महिलाओं के लिए ‘शी-मार्ट’ और किसानों के लिए AI आधारित ‘भारत-विस्तार’ योजनाएं समाज के हर अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाएंगी। उन्होंने इसे एक ‘सर्वस्पर्शी दस्तावेज’ करार दिया जो भीलवाड़ा के आम नागरिक और छोटे व्यापारियों के जीवन में सुगमता लाएगा।


