📰 प्रशांत मेवाड़ा का कांग्रेस पर तीखा हमला: “सी फॉर कांग्रेस या सी फॉर कन्फ्यूज्ड”
महिला आरक्षण बिल पर ओबीसी कोटे की मांग को बताया ‘षड्यंत्र’, संवैधानिक प्रक्रिया पर दी सफाई
मोनू सुरेश छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान
भीलवाड़ा। महिला आरक्षण बिल को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने कांग्रेस के रुख को “भ्रमित और विरोधाभासी” बताते हुए कहा कि “सी फॉर कांग्रेस कहें या सी फॉर कन्फ्यूज्ड, बात एक ही है।”
मेवाड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक प्रक्रियाओं की समझ से कोसों दूर है और ओबीसी महिलाओं के लिए अलग आरक्षण तथा बिल को तुरंत लागू करने की मांग करके वह महिला आरक्षण कानून को उलझाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी रणनीति करार दिया, जिससे कानून को कानूनी पेचिदगियों में फंसाया जा सके।
🔹 ओबीसी आरक्षण के लिए अलग संशोधन जरूरी
जिला प्रवक्ता अंकुर बोरदिया ने स्पष्ट किया कि वर्तमान संविधान में राजनीतिक आरक्षण केवल अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए ही प्रावधानित है। ऐसे में ओबीसी महिलाओं को आरक्षण देने के लिए नए संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता होगी, जो एक लंबी प्रक्रिया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस 2010 में राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पास कर रही थी, तब उसे ओबीसी कोटे की याद क्यों नहीं आई।
🔹 जनगणना और परिसीमन क्यों जरूरी
भाजपा नेताओं ने कहा कि महिला आरक्षण लागू करने से पहले यह तय करना आवश्यक है कि कौन-सी सीटें आरक्षित होंगी। यह कार्य किसी सरकार का नहीं, बल्कि स्वतंत्र परिसीमन आयोग का होता है, जो जनगणना के आंकड़ों के आधार पर सीटों का निर्धारण करता है।
उन्होंने कहा कि यदि बिना डेटा के आरक्षण लागू किया जाता, तो वही कांग्रेस इसे अदालत में चुनौती देकर प्रक्रिया को बाधित कर सकती थी। इसलिए केंद्र सरकार ने इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर मजबूत और टिकाऊ कानून बनाने का प्रयास किया है।
🔹 नोटिफिकेशन से कानून हुआ प्रभावी
मेवाड़ा ने बताया कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद 16 अप्रैल 2026 से अधिसूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है और अब यह कानून बन चुका है, जिसे कोई भी ताकत रोक नहीं सकती।
🔹 कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप
भाजपा ने अंत में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह इस तरह के बयान देकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।
मेवाड़ा ने दावा किया कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और वे ऐसे “भ्रामक प्रचार” में आने वाली नहीं हैं।


