*‼️रामसेतु की भुजा धंसने पर एम एन आई टी की क्या होगी रिपोर्ट?‼️*😳
_*मेरे सपने में आई पुख़्ता रिपोर्ट!*_👍
*✒️सुरेन्द्र चतुर्वेदी*
*आज के ब्लॉग को आप नमन किए बिना नहीं रहेंगे। यह ब्लॉग आज रात के सपनों की उपज है।जी हाँ, यह सपना अलसुबह 4 बजे आया और इसमें अजमेर के रामसेतु उर्फ़ एलीवेटेड रोड़ को लेकर घपलों के ख़ुलासे थे। सपने में एम एन आई टी ब्रिज़ की कमियों को लेकर बनाई गई कमेटी मुझे रिपोर्ट दे रही है ।*🙋♂️
*जी हाँ! मेरा सपना बेहद पुख़्ता है। सुबह ब्रह्म महूर्त में जो आया है। देखिए रिपोर्ट जो सपने में आई और इसके सच्चे होने की उम्मीद है।*💯
*एलिवेटेड रोड की अनियमितताओं को लेकर रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई है। देखिए सपने वाली रिपोर्ट।*👇
*अजमेर में एलिवेटेड रोड का निर्माण*
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*▪️1. स्वीकृत लागत: ₹252.00 करोड़।*
*▪️2. कार्यादेश की राशि: ₹220.00 करोड़।*
*▪️3. लागत में वृद्धि: ₹275 – ₹280 करोड़ तक।*
*▪️4. स्टेशन रोड पर नींव की पाइलिंग कार्य आवश्यक गहराई तक नहीं किया गया।*
*▪️5. स्टेशन रोड और खाईलैंड मार्केट क्षेत्र में आरसीसी कार्य पर जल उपचार (वाटर क्योरिंग) ठीक से नहीं किया गया। यह पिलरों में कोर कटिंग से प्रमाणित किया जा सकता है।*
*▪️6. सभी कंक्रीट संरचनाओं की फिनिशिंग बहुत खराब है।*
*▪️7. आरसीसी रिटेनिंग वॉल पर खराब गुणवत्ता को छुपाने के लिए रफ कास्ट सैंड प्लास्टर किया गया, जो अनुमति योग्य नहीं है और पुल पर यातायात शुरू होते ही यह गिरने लगा।*
*▪️8. रिटेनिंग वॉल के वीप होल्स के पीछे फ़िल्टर लेयर और मेंब्रेन नहीं लगाई गई। इससे दीवार के पीछे की मिट्टी खिसकने लगी और सड़क की सतह पर बड़े गड्ढे और धंसाव हो गया। यह समस्या अब ठीक नहीं की जा सकती और सड़क बार-बार धंसती रहेगी। अब सड़क को पूरी तरह से खोदकर दोबारा बनाना आवश्यक है।*
*▪️9. गर्डर्स के लिए लाए गए आयरन प्लेट्स की कोई निगरानी व परीक्षण नहीं किया गया। इनमें से कई प्लेट्स की गुणवत्ता खराब है।*
*▪️10. आयरन गर्डर्स का निर्माण और वेल्डिंग अजमेर में नहीं की गई, बल्कि किसी छिपे स्थान पर की गई, जहां RSRDC के किसी अधिकारी ने निगरानी नहीं की।*
*▪️11. कार्य स्थल पर इन गर्डर्स को जोड़ने के लिए उचित उपकरण और श्रमशक्ति का उपयोग नहीं किया गया। कई बोल्ट पहले ही ढीले होकर बाहर आ चुके हैं।*
*▪️12. इन आयरन गर्डर्स और बोल्ट्स पर बहुत कम मात्रा में पेंट किया गया, जिससे पूरी संरचना में जंग लग रही है।*
*▪️13. एप्रोच सड़कें न तो समतल हैं और न ही सीधे लाइन में हैं।*
*▪️14. डिवाइडर ब्लॉक्स की गुणवत्ता बहुत खराब है। ये क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और 5 वर्ष की मेंटेनेंस अवधि के बावजूद इनकी मरम्मत नहीं हो रही है।*
*▪️15. कई स्थानों पर आयरन गर्डर ब्रिज में अवांछनीय लकड़ी के टुकड़े लगाए गए हैं।*
*▪️16. अनुबंध के अनुसार सीमेंट कंक्रीट सड़क बननी थी और उसका भुगतान भी किया गया, लेकिन वास्तव में बिटुमिनस सड़क बनाई गई।*
*▪️17. पूरे ब्रिज पर स्थायित्व के लिए एपॉक्सी पेंटिंग का प्रावधान था और उसके लिए अग्रिम भुगतान भी किया गया, लेकिन यह कार्य नहीं किया गया।*
*▪️18. ब्रिज को कई स्थानों पर कम लंबाई और कम चौड़ाई में बनाया गया, लेकिन भुगतान पूर्ण लंबाई और चौड़ाई के अनुसार किया गया।*
*▪️19. मौजूदा सड़कों पर आवश्यक ड्रेनेज का निर्माण अनुबंध के अनुसार नहीं किया गया।*
*▪️20. पुल पर बनाया गया ड्रेनेज सिस्टम मौजूदा सिस्टम से नहीं जुड़ा हुआ है, जबकि इसके लिए अग्रिम भुगतान किया जा चुका है।*
*▪️21. आवश्यक स्मार्ट साइनबोर्ड, ट्रैफिक लाइट, सीसीटीवी कैमरे आदि नहीं लगाए गए, जबकि इनका भुगतान पहले ही कर दिया गया था।*
*▪️22. 5 वर्ष की मेंटेनेंस अवधि के बावजूद कोई रखरखाव नहीं किया जा रहा है।*
*▪️23. अनिवार्य बीमा नहीं कराया गया, जिससे नुकसान की स्थिति में सुरक्षा नहीं है।*
*▪️24. सरकारी भूमि का व्यावसायिक उपयोग बिना किराया/पट्टा राशि दिए किया गया।*
*▪️25. अनुबंध की शर्तों के विपरीत बिना वैध कारणों के तीन बार 730 दिनों की अनधिकृत समय-सीमा बढ़ाई गई। RSRDC को स्मार्ट सिटी कंपनी की सहमति के बिना ऐसा करने का अधिकार नहीं है। इससे ₹40 करोड़ की अधिक भुगतान की स्थिति बनी।*
*▪️26. कार्य में देरी पर ₹22 करोड़ का जुर्माना वसूला जाना था, जो नहीं वसूला गया।*
*▪️27. मार्च 2020 से ही निजी ठेकेदार को कार्य किए बिना अग्रिम भुगतान किया गया।*
*▪️28. कचहरी रोड, स्टेशन रोड और खाईलैंड मार्केट रोड के पुनर्निर्माण हेतु ठेकेदार को अग्रिम भुगतान किया गया, लेकिन उसने कोई कार्य नहीं किया। बाद में एक अन्य ठेकेदार को भी उसी कार्य के लिए भुगतान किया गया।*
*▪️29. सीवर लाइन शिफ्टिंग के नाम पर एक तीसरे ठेकेदार को भुगतान किया गया, लेकिन वास्तव में कार्य बहुत कम किया गया।*
*▪️30. कार्य के दौरान वास्तविक स्थिति को छुपाने के लिए अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग को नष्ट कर दिया गया।*
*दोस्तों! ऐसी ख़तरनाक रिपोर्ट को देखकर घबराहट से मेरी नींद खुल गई और इतना सपना ही मुझे याद रहा। अगर मेरा ये सपना सच हो गया ( जिसकी मुझे पूरी उम्मीद है ) तो निश्चित रूप से कई हरफ़नमोला अधिकारियो की गर्दन नपनी तय है।💯*


