गाय और बछड़े की पूजा कर महिलाओं ने मनाई बछ बारस
*बनेड़ा (( KK Bhandari ))*
बनेड़ा कस्बे में गाय और बछड़े की पूजा कर महिलाओं ने उत्साह के साथ बछ बारस पर्व मनाया और पुत्र की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार में समृद्धि की कामना की ।
यह एक हिन्दू त्योहार है जो भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी को मनाया जाता है। इसे गोवत्स द्वादशी भी कहा जाता है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं और गाय तथा बछड़े की पूजा करती हैं। गाय और बछड़े को तिलक लगाया जाता है, माला पहनाई जाती है और उन्हें बाजरे की रोटी, चने, मोठ, गुड़, और हरे फल आदि अर्पित किए जाते हैं फिर बछ बारस व्रत की कथा सुनी जाती है। यह व्रत विशेष रूप से पुत्र की लंबी आयु और स्वास्थ्य के लिए किया जाता है ।
अन्य मान्यताएँ:
अनेक स्थानों पर बछ बारस के दिन गाय के दूध, दही, गेहूं और चावल का सेवन नहीं किया जाता है।
वहीं कुछ क्षेत्रों में बछ बारस पर बयाना (उपहार) निकालने की भी प्रथा है, जो मंदिर के पंडित, सास, ननद या किसी जरूरतमंद को दिया जाता है।


