📰 द वॉयस ऑफ राजस्थान | विशेष रिपोर्ट
भजनलाल सरकार का सख्त एक्शन — जनता की सुरक्षा के लिए सड़क परिवहन में बड़ा सुधार अभियान शुरू
स्लीपर बस हादसों पर अब लगेगा पूर्ण विराम, सरकार ने दिखाई जीरो टॉलरेंस नीति; सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता नहीं
रिपोर्ट: मोनू एस. छीपा
📰 द वॉयस ऑफ राजस्थान | सरकारी नीतियों पर विशेष रिपोर्ट
जयपुर।
राजस्थान में हाल ही में हुए बस हादसों के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार ने अब तय किया है कि सड़क सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा, और जो भी वाहन नियम विरुद्ध चलेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
🚨 सरकार का निर्णायक कदम — “अब नहीं होंगी लापरवाहियां”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ कहा है कि “हर नागरिक की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। परिवहन व्यवस्था में सुधार और दुर्घटनाओं पर रोक के लिए यह कार्रवाई जरूरी है।”
सरकार के निर्देश पर प्रदेशभर में नियमों की अनदेखी करने वाली स्लीपर बसों के खिलाफ सघन जांच अभियान शुरू किया गया है।
दो दिनों में 100 से अधिक बसों का निरीक्षण, कई चालान, और गंभीर अनियमितताओं पर बसें सीज की गई हैं।
🛑 हादसों के बाद बनी सख्त नीति
जयपुर और जैसलमेर में हाल ही में हुए दो बड़े सड़क हादसों के बाद सरकार ने परिवहन विभाग को सुरक्षा मानकों का ऑडिट करने के निर्देश दिए।
जांच में पाया गया कि कई निजी स्लीपर बसें बिना अनुमति, बिना आपात निकास द्वार (Emergency Exit), और बिना सुरक्षा उपकरणों के चल रही थीं।
इन लापरवाहियों को देखते हुए सरकार ने “जीरो टॉलरेंस नीति” लागू की है।
🗣️ सरकार का बयान — “यह जनता की सुरक्षा का अभियान है, सज़ा नहीं”
परिवहन आयुक्त ने बताया कि यह अभियान राजस्व वसूली नहीं बल्कि जनसुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है।
“किसी भी बस को संचालन की अनुमति तभी दी जाएगी जब वह सभी सुरक्षा मानकों का पालन करेगी।
जनता की जान के साथ खिलवाड़ करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।”
🚍 यात्रियों के हित में सुधार योजना
सरकार अब एक नया स्लीपर बस सेफ्टी सर्टिफिकेशन सिस्टम लागू करने जा रही है।
इसके तहत —
- सभी बसों में फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य होंगे।
- इमरजेंसी एग्जिट द्वार और सीसीटीवी कैमरे लगाना होगा।
- बसों के लिए वार्षिक सुरक्षा जांच अनिवार्य की जाएगी।
- नियम पालन करने वाले ऑपरेटरों को प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
💬 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संदेश
“राजस्थान में अब कोई वाहन बिना सुरक्षा जांच के सड़कों पर नहीं चलेगा।
जनता की जान सबसे पहले — यह सरकार की प्रतिबद्धता है।”
🌐 जनता का समर्थन भी मिला
सोशल मीडिया पर कई नागरिकों ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना की है।
लोगों का कहना है कि “ऐसे सख्त कदमों से ही यात्रियों की जान बचेगी और परिवहन व्यवस्था में भरोसा लौटेगा।”
📍 रिपोर्ट: मोनू एस. छीपा
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