भीलवाड़ा यूआईटी लॉटरी में बड़ा खुलासा — पुराने आवंटित भूखण्ड को दोबारा बांटा गया, शिकायत पहुँची कलेक्टर तक

— द वॉयस ऑफ राजस्थान | रिपोर्ट: मोनू एस.छीपा
भीलवाड़ा नगर विकास न्यास (यूआईटी) द्वारा हाल ही में निकाली गई भूखण्ड लॉटरी में गड़बड़ियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें पहले से आवंटित भूखण्ड को यूआईटी ने दुबारा किसी अन्य व्यक्ति के नाम लॉटरी में निकाल दिया, जिससे पूर्व आवंटी ने न्याय के लिए जिला कलेक्टर का दरवाजा खटखटाया है।
जानकारी के अनुसार, अजय शर्मा ने बताया कि उनकी माताजी उर्मिला शर्मा पत्नी राजेन्द्र कुमार शर्मा के नाम वर्ष 1989 में यूआईटी भीलवाड़ा द्वारा पंचवटी योजना में भूखण्ड संख्या 676-सी आवंटित किया गया था। इसके बावजूद हाल ही में नगर विकास न्यास द्वारा निकाली गई 3081 भूखण्डों की लॉटरी में उसी भूखण्ड को पुनः किसी अन्य व्यक्ति के नाम आवंटित कर दिया गया।
इस पर उर्मिला शर्मा ने जिला कलेक्टर भीलवाड़ा के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई है। उनके अनुसार, भूखण्ड संख्या 676-सी (नपती 108.88 वर्गगज — 20 फीट × 49 फीट) का आवंटन पत्र वर्ष 1989 में जारी हुआ था और आज भी इस पर उनका पूर्ण वैध अधिकार है।
शिकायत में कहा गया है कि सचिव, नगर विकास न्यास को नोटिस भेजकर अवगत कराया जा चुका है कि यह भूखण्ड पूर्व में ही आवंटित है। बावजूद इसके, यूआईटी द्वारा इस भूखण्ड को पुनः किसी अन्य व्यक्ति को देना नियमों का खुला उल्लंघन और पूर्व आवंटी के अधिकारों पर कुठाराघात है।
उर्मिला शर्मा ने जिला प्रशासन से लॉटरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, इस गड़बड़ी को रद्द करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
📸 प्रतीकात्मक चित्र: यूआईटी कार्यालय, भीलवाड़ा
— द वॉयस ऑफ राजस्थान | रिपोर्ट: मोनू एस.छीपा


