सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ी पहल: मुजरास टोल पर ‘प्रोजेक्ट रोशनी’ का आगाज़, 402 ड्राइवरों की हुई मुफ्त सेहत और आंखों की जांच
गुरला/भीलवाड़ा (सत्यनारायण सेन)। भीलवाड़ा जिले के मुजरास टोल पर सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अभूतपूर्व CSR पहल ‘प्रोजेक्ट रोशनी’ का शुभारंभ किया गया। मेकिंग द डिफरेंस NGO और इंटरराइज ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य उन ट्रक और कमर्शियल ड्राइवरों की सेहत का ख्याल रखना है, जो दिन-रात सड़कों पर रहकर देश की अर्थव्यवस्था का पहिया घुमाते हैं।
भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलन और रिबन काटकर शिविर की शुरुआत की। एसपी यादव ने मेडिकल टीम से आधुनिक उपकरणों और जांच प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी ली और इस मानवीय पहल की सराहना की।
विशेषज्ञों की टीम: मुंबई-दिल्ली के डॉक्टरों ने की जांच
टोल मैनेजर आनंद कुमार ने बताया कि इस शिविर में देश के नामी शहरों से विशेषज्ञ डॉक्टर पहुंचे हैं, जिनमें:
- डॉ. रमेश (बेंगलुरु)
- डॉ. विवेक (मुंबई)
- डॉ. जितेंद्र (दिल्ली) शामिल हैं।
शिविर के मुख्य आकर्षण और आंकड़े:
इस दो दिवसीय शिविर में ड्राइवरों के लिए कई अत्याधुनिक सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की गईं:
- कुल जांच: 402 लोगों की आंखों, ब्लड शुगर और बीपी की जांच की गई।
- निःशुल्क चश्मा वितरण: 138 ड्राइवरों को मौके पर ही चश्मे दिए गए, जबकि 102 ड्राइवरों के चश्मे ऑर्डर किए गए, जिन्हें कोरियर के जरिए उनके घर पहुंचाया जाएगा।
- फुल बॉडी चेकअप: आंखों के अलावा ECG, शुगर टेस्ट और मेडिकल काउंसलिंग की सुविधा भी दी गई।
प्रशासनिक अमले की रही गरिमामय उपस्थिति
सड़क सुरक्षा के इस महाकुंभ में प्रशासनिक और पुलिस जगत के कई दिग्गज शामिल हुए, जिनमें प्रोजेक्ट हेड जयनन्दन मिश्रा, DTO इंस्पेक्टर आर.के. चौधरी, RTO इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, सुरेश, लवलेश टेलर, ADSP बुधराज टैंक (गंगापुर), DYSP सुदर्शन पालीवाल (गंगापुर) और CMHO डॉ. रामकेश गुर्जर प्रमुख रहे।
अतिथियों का संदेश: “अक्सर आंखों की कमजोरी सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती है। ‘प्रोजेक्ट रोशनी’ जैसी पहल न केवल ड्राइवरों को स्वस्थ रखेगी, बल्कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।”


