भीलवाड़ा: गुरलां में ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन, संगठित हिंदू-सक्षम भारत के संकल्प के साथ एकजुट हुआ समाज
द वॉयस ऑफ राजस्थान
गुरलां (भीलवाड़ा)। सत्यनारायण सेन
सनातन परंपरा, सांस्कृतिक स्वाभिमान और राष्ट्रबोध के जयघोष के साथ रविवार को भीलवाड़ा जिले का गुरलां कस्बा पूरी तरह भगवा चेतना के रंग में सराबोर नजर आया। ‘संगठित हिंदू, सक्षम भारत’ के संकल्प के साथ सकल हिंदू समाज द्वारा आयोजित ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन में समाज की एकजुट शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ।
कलश यात्रा और शोभायात्रा से बनी आध्यात्मिक छटा
सम्मेलन का भव्य शुभारंभ रामदेव मंदिर से निकली कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। डीजे की धुनों और गगनभेदी जयघोष के बीच हाथों में भगवा ध्वज लिए युवाओं और कलश धारण किए मातृशक्ति ने कस्बे के मुख्य मार्गो (जैन मंदिर, बड़ा मंदिर, बस स्टैंड) को आध्यात्मिक गरिमा से भर दिया। शोभायात्रा के दौरान युवाओं द्वारा किए गए अखाड़ा प्रदर्शन ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
प्रतिष्ठान बंद कर सम्मेलन में उमड़े ग्रामीण
हिंदू एकता की मिसाल पेश करते हुए गुरलां के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर सम्मेलन में भागीदारी की। मोमी, लावड का बाड़ा, रगसपुरिया, सोपुरा और कानपुरा सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग शोभायात्रा के रूप में मालियों के नोहरे पहुंचे, जहां पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया।
धर्मसभा में संतों का मिला सान्निध्य
महोत्सव में टेकरी के बालाजी मंदिर के संत पुनीत दास जी महाराज और कोटड़ी के लाल जी महाराज का आशीर्वाद मिला। मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री विजय कुमार ओझा ने नारी शक्ति के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “भारत में नारी पूज्य है, माताओं का दायित्व है कि वे बच्चों में श्रेष्ठ संस्कारों का निर्माण करें।” उन्होंने जाति-पांति से ऊपर उठकर एकजुट रहने का आह्वान किया।
कारसेवकों का सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
धर्मसभा के दौरान गुरलां से अयोध्या गए कारसेवकों को सम्मानित किया गया, जो कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण रहा। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदू एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोवर्धन प्रसाद दाधीच और मातृशक्ति की अध्यक्षता प्रिया दाधीच ने की। मंच संचालन मोहन प्रजापत द्वारा किया गया और समापन भव्य भंडारे के साथ हुआ।


