शाहपुरा में हिंदू नव वर्ष पर 11 हजार कलशों के साथ निकलेगी भव्य शाही शोभायात्रा, स्वाति मिश्रा की भक्ति संध्या और साध्वी सरस्वती का ओजस्वी उद्बोधन
19 मार्च को केसरिया रंग में रंगेगा शाहपुरा, नगरभर में तैयारियां तेज, मातृशक्ति के साथ निकलेगी ऐतिहासिक कलश यात्रा

✍️ मोनू सुरेश छीपा
द वॉयस ऑफ राजस्थान
शाहपुरा, 16 मार्च 2026।
वीरता और त्याग की धरती शाहपुरा में इस बार हिंदू नव वर्ष का स्वागत भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में किया जाएगा। हिंदू नव वर्ष समाजोत्सव समिति, शाहपुरा के तत्वावधान में 19 मार्च को नगर में 11 हजार कलशों के साथ विशाल कलश यात्रा और शाही शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर पूरे नगर में उत्साह का माहौल है और तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
कार्यक्रम संयोजक हनुमान धाकड़ ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत 19 मार्च को सुबह 9 बजे स्थानीय हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर से होगी। यहां से 11 हजार माताएं-बहनें सिर पर कलश धारण कर मंगल गीतों के साथ शोभायात्रा में शामिल होंगी। यह भव्य यात्रा हायर सेकेंडरी स्कूल से प्रारंभ होकर वेलकम होटल, बेगू चौराहा, उदयभान गेट, कालिंजरी गेट, बालाजी की छतरी और मुख्य बाजार से होते हुए पुनः हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर पहुंचेगी। पूरे मार्ग में नगरवासी पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत करेंगे।
भक्ति संध्या में गूंजेंगे स्वाति मिश्रा के भजन
हिंदू नव वर्ष महोत्सव के तहत शाम को भव्य भक्ति संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। इस अवसर पर देश की प्रसिद्ध भजन गायिका स्वाति मिश्रा अपनी मधुर आवाज में भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर करेंगी।
साध्वी सरस्वती का होगा ओजस्वी उद्बोधन
महोत्सव के दौरान प्रखर राष्ट्रवादी वक्ता साध्वी सरस्वती दीदी धर्मसभा को संबोधित करेंगी और अपने ओजस्वी उद्बोधन से उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रभक्ति और संस्कृति के प्रति जागरूकता का संदेश देंगी।
नगरवासियों से सहयोग की अपील
संयोजक हनुमान धाकड़ ने बताया कि आयोजन को भव्य बनाने के लिए समिति द्वारा नगर की सभी बस्तियों और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क किया जा रहा है। उन्होंने नगरवासियों और व्यापारियों से शोभायात्रा का स्वागत करने, पुष्पवर्षा करने तथा गर्मी को देखते हुए शोभायात्रा मार्ग पर शीतल जल सेवा की व्यवस्था करने का आग्रह किया।
समिति अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पारीक ने कहा कि हिंदू नव वर्ष भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे में सभी सनातनी बंधुओं से अपील है कि वे सपरिवार इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेकर इसे भव्य और यादगार बनाएं।


