शाहपुरा में गणगौर की धूम: रामनगर कॉलोनी की महिलाओं ने परंपरा और भक्ति से सजाया पर्व, शिव मंदिर से सेवरा लाकर किया पूजन
शाहपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्साह, सुहागिनों ने रखा व्रत—कन्याओं ने मांगी मनचाहे वर की कामना
✍️ *मोनू सुरेश छीपा, द वॉयस ऑफ राजस्थान9667171141*
शाहपुरा।
राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर और आस्था का प्रतीक गणगौर पर्व इस बार शाहपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों में पूरे उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर की रामनगर कॉलोनी में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गणगौर पर्व की विशेष पूजा-अर्चना कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
सुबह से ही सोलह श्रृंगार में सजी महिलाएं पंचायत समिति परिसर स्थित शिव मंदिर पहुंचीं, जहां से वे विधि-विधान के साथ सेवरा लेकर आईं। इसके बाद गणगौर माता की प्रतिमाओं को स्थापित कर विधिपूर्वक पूजन किया गया। इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए और पारंपरिक लोकगीतों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर हो गया।
गौरतलब है कि ‘गण’ का अर्थ भगवान शिव और ‘गौर’ का अर्थ माता पार्वती होता है। यह पर्व शिव-पार्वती के अटूट प्रेम और दांपत्य सुख का प्रतीक माना जाता है। इस दिन अविवाहित कन्याएं जहां अच्छे वर की कामना करती हैं, वहीं विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं।
रामनगर कॉलोनी की महिलाओं ने बताया कि यह पर्व केवल आस्था ही नहीं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है, जो हर वर्ष नई ऊर्जा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
शाहपुरा में गणगौर के इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर शहर की सांस्कृतिक समृद्धि और परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था को जीवंत कर दिया।


