*श्रमण संस्कृति संस्कार शिविर का भव्य आयोजन*
*”सोच भले ही नई रखो, पर संस्कार पुराने ही अच्छे हैं” – रिक्की जैन शास्त्री*
✍️ *मोनू नामदेव।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
*बिजयनगर* ,
श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर (जयपुर) के तत्वावधान में आयोजित श्री 1008 शांतिनाथ दिगम्बर जैन चौबीसी जिनालय, बिजयनगर में दिनांक 21 से 28 जून तक
“श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर” का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
यह अष्टदिवसीय शिविर परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं श्री 108 आचार्य समय सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज की प्रेरणा से संचालित हो रहा है। शिविर का समुचित संचालन शिविर प्रभारी श्री नरेश जी जैन (कोटा) के निर्देशन में किया जा रहा है।
शिविर में आमंत्रित विद्वान श्री रिक्की जैन शास्त्री बड़ौत द्वारा सम्यक रूपेण शिक्षा प्रदान की जा रही है
शिविर के दौरान श्री रिक्की जैन शास्त्री के द्वारा बच्चों को बालबोध की कक्षा पढ़ाते हुए बताया कि जीवन में आप कही पर चले जाओ पर अपने संस्कारों को कभी नहीं भूलना अपने माता पिता के उपकारों को कभी मत भूलना
उन्होंने देवदर्शन की


