📌 *_`आयकर नोटिस को बुलावा देंगे आपके ये व्यवहार सावधानी बरते_*`
*विवेक दर्शन पत्रिका*
*_डॉ राव प्रताप सिंह सुवाणा एडवोकेट_*
आमतौर पर हर बड़े ट्रांजैक्शन पर आयकर विभाग की नजर बनी रहती है। जहां भी उसे कुछ शक होगा। वहीं, आपको नोटिस मिल सकता है। लिहाजा कुछ भी ट्रांजैक्शन करने से पहले अलर्ट रहें।
बीते समय से उलट अब पेमेंट के तरीकों में बदलाव आया है। अब डिजिटल का जमाना है। ऑनलाइन पेमेंट के चलन में तेजी आई है। ऐसे में अब पेमेंट को ट्रैक करना भी आसान हो गया है। जितनी ज्यादा चीजें आधुनिक होती जा रही है, चोरी और धोखाधड़ी का खतरा भी उतना ही बढ़ गया है। इसलिए सरकार ने इन तकनीकी इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग नियम तय किए हैं। इसी तरह से धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए इनकम टैक्स विभाग की ओर से लेन-देन और पेमेंट को लेकर कुछ नियम तय किए गए हैं।
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आमतौर पर हर ट्रांजैक्शन पर इनकम टैक्स की नजर बनी रहती है। आप कितने रुपये की ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं या फिर कैश के जरिए कुछ सामान खरीद रहे हैं। उन सब पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर रहती है।अगर आप 10 लाख रुपये बैंक में कैश जमा करते हैं या कोई शख्स 1 लाख या उससे अधिक की नकद राशि में क्रेडिट कार्ड बिल (Credit Card Bill) का भुगतान करता है, तो इनकम टैक्स विभाग के पास यह अधिकार है कि वह इस ट्रांजैक्शन की जांच पड़ताल कर सकता है। ऐसे में इनकम टैक्स नोटिस भेजा जा सकता है। इसके अलावा जुर्माना या दंड भी लगाया जा सकता है।
*1 – 10 लाख रुपये कैश डिपॉजिट करना*
अगर क्रेडिट कार्ड पर सालाना 2 लाख रुपये से ज्यादा का खर्च करते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग की नजर आप पर पड़ सकती है। बड़े ट्रांजैक्शन पर इनकम टैक्स के रडार पर हमेशा रहेंगे। वहीं बैंक अकाउंट में अगर आप 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश जमा करते हैं तो इनकम टैक्स की नजर पड़ सकती है। इसके लिए विभाग की ओर से नोटिस मिल सकता है। नोटिस देने का मतलब नहीं होता है कि आपने टैक्स चोरी की है। हालांकि, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपसे जरूर पूछेगा कि आपके पास इतना पैसा कहां से आया है। अगर आपके जवाब मैच नहीं हुए तो डिपार्टमेंट जुर्माना लगा सकता है।
*2 – शेयर और म्यूचुअल फंड*
किसी भी शेयर या म्यूचुअल फंड में अगर 10 लाख रुपये ज्यादा रुपये लगाते हैं तो आपके न बताने पर भी वह जानकारी टैक्स डिपार्टमेंट तक पहुंच जाएगी। इसके बाद आपके पास नोटिस आ सकता है। जरूरी नहीं है डिपार्टमेंट तुरंत नोटिस भेजे, लेकिन चांसेस हैं कि आप इसकी जद में आए। ऐसे में आपको अपनी कमाई का हिसाब देना पड़ सकता है।
*3 – प्रॉपर्टी खरीदते समय कैश पेमेंट*
इसके अलावा अगर आप 30 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी खरीदते हैं। ऐसी स्थिति में इसके सोर्स के बारे में बताना बेहद जरूरी है। कहीं-कहीं यह लिमिट 50 लाख और 20 लाख रुपये भी है। इन पैसों से ज्यादा की प्रॉपर्टी लेने पर आपको इनकम का सोर्स डिपार्टमेंट को बताना होगा।
*4 – विदेश यात्रा पर 2 लाख से ज्यादा का खर्च*
अगर आपने एक साल में विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करते हैं तो इसका डाटा इनकम टैक्स विभाग के पास पहुंच जाता है।
*5 – 10 लाख की कैश FD*
10 लाख से अधिक की FD या फिर RD अगर आप कैश देकर कराते हैं तो बैंक इसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देता है। इसके बाद इनकम टैक्स नोटिस भेज सकता है।
नोटिस देने का मतलब नहीं होता है कि आपने टैक्स चोरी की है। हालांकि, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपसे जरूर पूछेगा कि आपके पास उक्त व्यवहार आप द्वारा किए गए है तो उतनी नकदी आपके पास किस सोर्स से आई है। अगर आपके जवाब मैच नहीं हुए तो डिपार्टमेंट जुर्माना लगा सकता है।
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*विवेक दर्शन पत्रिका*
*_डॉ राव प्रताप सिंह सुवाणा एडवोकेट_*



