*‼️अजमेर ज़िला भाजपा कार्यकारिणी में, रमेश सोनी ने हर पक्ष को दिया सम्मान‼️*🙋♂️
_*भागीरथ चौधरी!अनीता भदेल !देवनानी!और संघ के लोगों के बीच बैठाया संतुलन!*_🤝
_*देवनानी का रहा वर्चस्व!*_👍
*✒️सुरेन्द्र चतुर्वेदी*
*इति श्री प्रथम अध्याय समाप्त:। अजमेर भाजपा की जिला कार्यकारिणी अंततः बन ही गई। अध्यक्ष रमेश सोनी की ही कहलाने वाली इस कार्यकारणी में उनके अपने कितने ख़ास टीम वर्कर्स लिए गए यह भी इस अध्याय का मुख्य सवाल रहा। हर पद पर किसी न किसी महान हस्ती ने हस्तक्षेप किया और मन मसोस कर जैसे तैसे सबका जीव रखते हुए रमेश सोनी ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया।*💁♂️
*इस टीम में लीडर रमेश सोनी (जो ख़ुद भी उत्तरोमुखी बाला जी के दंडवत शिष्य हैं) ने दक्षिण मुखी देवी जी के साथ संतुलन बनाने की कोशिश बहुत की मगर दादा गिरी तो बाला जी और स्थानीय संघ पदाधिकारियों की ही चली।*🙋♂️
*महामंत्री के पद पर यद्यपि केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी के सहयोगी वेद प्रकाश दाधीच का नाम ही तय माना जा रहा था मगर संघ के एक पदाधिकारी ने उनके नाम को ” खो ” कह कर आगे बढ़ा दिया। लगभग छह दिन पहले ही मुझे जानकारी मिल गई थी कि किशनगढ़ के किशन बंग का नाम संघ पदाधिकारी महोदय ने फाइनल कर दिया है। ये नाम था तो अविश्वसनीय पर हुआ वही जो संघ ने चाहा । दोस्तों! राजनीतिक गालियारे में ये जगजाहिर है कि किशन बंग न तो उत्तरोमुखी बाला जी के भक्त हैं न दाक्षिण मुखी देवी जी के।*🤷♂️
*यहां बता दूँ कि किशनगढ़ कोटे पर नाम सुझाने का हक़ सिर्फ़ केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी का था और अगर वह अड़े रहते तो उनके सहयोगी वेद प्रकाश दाधीच को ही महामंत्री बनाया जाता मगर जब स्थानीय संघ ने वीटो कर दिया तो चौधरी ने ज़िद बहस की जगह मैदान छोड़ दिया। आपको बता दूँ कि भागीरथ चौधरी के मैदान छोड़ देने के बाद दाधीच का नाम इस कार्यकारिणी में कहीं नहीं था। फिर भी दाधीच का नाम घोषित हुई इस सूची में पहले नंबर पर आना भी एक चमत्कार ही है।*💯
*दोस्तों! मेरी नज़र में तो उपाध्यक्ष का पद सिर्फ़ ऊँची दुकान, फ़ीके पकवान वाला है इसलिए इसका होना न होना बराबर है। उपाध्यक्ष यानि रमेश सोनी की अनुपस्थिति में कार्यवाहक अध्यक्ष। यहां कार्यकारणी में सात उपाध्यक्ष और हैं । ज़ाहिर है कि शायद ही कोई उपाध्यक्ष कभी अध्यक्ष की भूमिका निभा पाए पर दिल बहलाने को ग़ालिब ख़्याल अच्छा है।*😝
*जहाँ तक दाक्षिण मुखी देवी जी का सवाल है उनके लाडले भक्त नीतेश आत्रेय का नाम ग़ायब होना ताज़्जुब का विषय है। लगता है उनको उत्तर मुखी बिखरे बाला जी का कोप भाजन बनना पड़ा है।*🙄
*बाला जी के प्रकोप का कारण शायद विधानसभा चुनाव में सीटी का बजना ही है। कहा जा रहा था और कहा क्या जा रहा था बाला जी के पास पुख़्ता सूचना थी कि नीतेश आत्रेय ने खुल कर सिटी बजाई थी। आत्रेय की एक फोटो जमकर वायरल हुई थी जिसमें वो देवनानी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे ज्ञान सारस्वत को माला पहनाते नज़र आये थे। अब उनकी सिटी बजने पर पता चल रहा है कि सिटी की आवाज़ कैसे और किसने बन्द की❓🤪*
*इस मामले में कहना पड़ेगा कि दक्षिण मुखी देवी जी ने अपने इस महाभक्त की मदद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।अभी भी एक उपाध्यक्ष पद ख़ाली है । हो सकता है उनका यही नाम रिक्त स्थान की पूर्ति कर दे।*🤷♂️
*रमेश सोनी की लिस्ट में एक नाम ऐसा भी है जो चौंकाने वाला है। इस नाम को न तो दाक्षिण मुखी देवी जी! न ही उत्तरोमुखी बाला जी का माना जा सकता है। न भागीरथ जी का माना जा सकता है न संघ का। यह नाम है सोम रत्न आर्य का। मुझे जहां तक जानकारी है। सोम रत्न जी को एक पोक्सो मामले के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। उनको पार्टी में किसने और कब लिया❓ इसकी मुझे जानकारी नहीं।*❌
*पार्टी के स्थानीय प्रवक्ता के रूप में उनका आना निश्चित रूप से सवालों में रहेगा।*💯
*फ़िलहाल रमेश सोनी को इस खिचड़ी नुमा कार्यकारिणी के लिए बधाई और शुभकामनाएं।*🌹


