आलोक स्कूल में भगवान नरसिंह जयंती की धूम: सजीव झांकी के जरिए दिया ‘अधर्म पर धर्म की जीत’ का संदेश
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा/भीलवाड़ा। वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के पावन अवसर पर आलोक सेंट्रल स्कूल में भगवान नरसिंह जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में भगवान विष्णु के चौथे अवतार ‘नरसिंह’ द्वारा हिरण्यकशिपु वध की मनमोहक और सजीव झांकी सजाई गई, जिसे देखकर उपस्थित लोग भावविभोर हो गए।
भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए प्रकट हुए प्रभु
संस्था के निदेशक वीरेंद्र व्यास ने विद्यार्थियों को इस पर्व का महत्व बताते हुए कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेते हैं। हिरण्यकशिपु एक अत्याचारी असुर था, जिसे कोई साधारण मनुष्य या पशु नहीं मार सकता था। लेकिन जब उसने अपने ही पुत्र और विष्णु भक्त प्रहलाद को प्रताड़ित किया, तब भगवान ने खंभे से नरसिंह रूप में प्रकट होकर महल की चौखट पर नाखूनों से उसका वध किया।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक
इस कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि सत्य की हमेशा जीत होती है और ईश्वर अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। झांकी के दौरान विद्यालय का वातावरण भक्तिमय हो गया और बच्चों ने भारतीय संस्कृति व पौराणिक इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
इस उत्सव के दौरान विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- प्रशासनिक व शैक्षणिक टीम: दुर्गालाल धाकड़, दीपक लोहार, विष्णु खाती, फरजाना बानू, सुषमा सेन, मुकेश तेली, धीरेंद्र पांचाल।
- शिक्षक गण: सुमन यादव, स्नेहा सेन, किरण जांगिड, नैना पांचाल, राजेश सेन, महेश गुर्जर, आरती सान्नाढ़्य, देवकिशन कोली, गुड्डी बानू, दिव्या श्रीवास्तव, दीपक छिपा, पायल नायक, खुशबू राठौड़, चेष्ठा शर्मा, अंजनी शर्मा और दशरथ कुमावत।
रिपोर्ट: मोनू सुरेश छीपा
मीडिया पार्टनर: द वॉयस ऑफ राजस्थान
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