एजीटीएफ की बड़ी कार्रवाई: 45 लाख का डोडा पोस्त जब्त, भीलवाड़ा पुलिस ने दो तस्कर भाई गिरफ्तार
ग्रेनाइट की आड़ में छिपाई गई 304 किलो से अधिक अवैध खेप; आंध्रप्रदेश–मध्यप्रदेश–राजस्थान कनेक्शन उजागर, अंतरराज्यीय नेटवर्क के बड़े खुलासों की तैयारी
मोनू सुरेश छीपा | द वॉयस ऑफ राजस्थान
जयपुर, 02 दिसंबर। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) राजस्थान की सटीक मुखबिर सूचना पर भीलवाड़ा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता दर्ज की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्रेनाइट की बिल्टी की आड़ में तस्करी की जा रही 45.75 लाख रुपये मूल्य की 304.700 किलो डोडा पोस्त की भारी खेप जब्त कर दो शातिर तस्कर भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी पूरणा राम लेघा (40) व देवेंद्र उर्फ देवा (21) निवासी सोमलसर, जिला बीकानेर हैं। कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एजीटीएफ श्री दिनेश एम.एन. के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ शर्मा के सुपरविजन में की गई।
कैसे हुई तस्करी का भंडाफोड़
कांस्टेबल विजय सिंह और गोपाल धाबाई से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर राम सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जानकारी की पुष्टि के बाद गुलाबपुरा थाना पुलिस ने नाकाबंदी की। संदिग्ध ट्रक के भागने पर पुलिस ने पीछा कर उसे 29 मील चौराहा पुलिया पर रुकवाया।
तलाशी में ट्रक में छिपाए गए 15 कट्टों से 304.700 किलो डोडा चूरा बरामद हुआ। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया गया।
तस्करी का नेटवर्क और चौंकाने वाले खुलासे
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आंध्रप्रदेश के मातूर से ग्रेनाइट लेकर पंजाब जा रहे थे। बीच रास्ते जावर (MP) क्षेत्र से डोडा पोस्त लोड किया गया, जिसे हनुमानगढ़ जिले के अर्जुनसर गांव में देवाराम उर्फ भानू को सप्लाई किया जाना था।
आरोपियों ने पहले भी 3–4 बार तस्करी करने की बात स्वीकार की है।
कार्रवाई में शामिल टीम
एएसपी सिद्धार्थ शर्मा व इंस्पेक्टर राम सिंह नाथावत के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में कांस्टेबल विजय सिंह व गोपाल धाबाई का विशेष योगदान रहा। साथ ही हेड कांस्टेबल महावीर सिंह, जितेंद्र की तकनीकी सहायता तथा एसआई प्रताप सिंह, बनवारी लाल शर्मा, हेड कांस्टेबल महेश सोमरा, हेमंत शर्मा, कांस्टेबल देवेंद्र सिंह, गंगाराम व चालक दिनेश शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर उनके अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी है।


