राजस्थान में गूंजेगा एकता का शंखनाद: भीलवाड़ा के पंचवटी में 1 फरवरी को होगा ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ ✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*

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राजस्थान में गूंजेगा एकता का शंखनाद: भीलवाड़ा के पंचवटी में 1 फरवरी को होगा ‘विराट हिंदू सम्मेलन’

तैयारियों ने पकड़ा जोर: होलिका चौराहा पर संगठनात्मक कार्यालय का भव्य शुभारंभ, समाज को एकजुट करने की रणनीति तैयार

भीलवाड़ा | 18 जनवरी, 2026 सशक्त, संगठित और जागृत हिंदू राष्ट्र के संकल्प के साथ भीलवाड़ा के पंचवटी क्षेत्र में आगामी 1 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। रविवार को होलिका चौराहा, पंचवटी में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सम्मेलन के उद्देश्यों और भविष्य की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।

संगठनात्मक कार्यालय का उद्घाटन: सेवा और राष्ट्रनीति का बनेगा केंद्र

​कार्यक्रम के दौरान हिंदू समाज के नवीन संगठनात्मक कार्यालय का भव्य शुभारंभ किया गया। वक्ताओं ने बताया कि यह कार्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि भविष्य में सामाजिक गतिविधियों, सेवा प्रकल्पों और राष्ट्रहित से जुड़े अभियानों का मुख्य केंद्र बनेगा, जहाँ से समाज को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की जाएगी।

राजस्थान में ‘मिसाइल’ की तरह प्रभावी होगा संदेश: कश्मीर सिंह भट्ट

​समिति अध्यक्ष कश्मीर सिंह भट्ट ने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए कहा:

​”यह सम्मेलन केवल एक स्थानीय आयोजन नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे राजस्थान में महसूस किया जाएगा। वैचारिक और भावनात्मक रूप से यह आयोजन प्रदेश में एक ‘मिसाइल’ की तरह प्रभावी संदेश देगा। सभी कार्यकर्ता इस ऐतिहासिक क्षण को सफल बनाने के लिए कटिबद्ध हैं।”

 

हर वर्ग की भागीदारी होगी सुनिश्चित

​विराट हिंदू सम्मेलन के संयोजक नवीन जीनगर ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि समाज के हर वर्ग, जाति और आयु वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, कोषाध्यक्ष अभिषेक चंडालिया ने आर्थिक प्रबंधन और व्यवस्थागत तैयारियों का ब्यौरा पेश करते हुए सभी सहयोगियों का आभार जताया।

सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य:

  • सामाजिक समरसता: हिंदू समाज के बीच एकजुटता और भाईचारे को सुदृढ़ करना।
  • सांस्कृतिक चेतना: युवाओं को अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से जोड़ना।
  • राष्ट्र सेवा: समाज में राष्ट्रहित के प्रति जागरूकता पैदा करना।

​बैठक के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने एक स्वर में सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया और आमजन से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।

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