भीलवाड़ा में मिनी दक्षिण भारत: तिरुपति बालाजी मंदिर के 15वें पाटोत्सव में पहली बार लगा भव्य ‘छप्पन भोग’
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा | 23 जनवरी 2026
भीलवाड़ा: शहर के आस्था के प्रमुख केंद्र तिरुपति बालाजी मंदिर में आज बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर 15वां पाटोत्सव अत्यंत भव्यता और भक्ति के साथ मनाया गया। इस वर्ष का आकर्षण पहली बार आयोजित ‘छप्पन भोग’ रहा, जिसने इस वार्षिकोत्सव को ऐतिहासिक बना दिया।
दक्षिण भारतीय परंपरा का जीवंत संगम
पाटोत्सव के उपलक्ष्य में संपूर्ण मंदिर परिसर को दक्षिण भारतीय संस्कृति के अनुरूप विशेष रूप से सजाया गया। मंदिर की सजावट, आचार्यों की वेशभूषा और पूजा पद्धति ने भक्तों को भीलवाड़ा में ही तिरुमाला तिरुपति के दर्शनों का अनुभव करा दिया। प्रातःकाल वैदिक ऋचाओं के बीच भगवान का दुग्धाभिषेक और अलौकिक श्रृंगार किया गया।
छप्पन भोग और महाआरती का आकर्षण
इस बार पाटोत्सव में विशेष नवाचार करते हुए भगवान बालाजी को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। दोपहर 12:15 बजे महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ जयकारे लगाकर वातावरण को गुंजायमान कर दिया। महाआरती के पश्चात भक्तों को विशेष प्रसादी का वितरण किया गया।
आस्था और विश्वास का केंद्र
मान्यता है कि तिरुपति बालाजी के दरबार में जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा से शीश नवाता है, उसके कष्टों का निवारण स्वयं भगवान करते हैं। उत्सव के दौरान शहर के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।
आयोजन में रहा इनका विशेष सहयोग
इस भव्य पाटोत्सव को सफल बनाने में महेशपुरी, सुरेश तोषनीवाल, मुकेश गुर्जर, राधेश्याम तोषनीवाल, अशोक जोशी, अनिल बांगड़, प्रवीण अग्रवाल, संजय डाड और नीरव राठी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
साथ ही महिला वर्ग से विनीता तोषनीवाल, अनीता गुर्जर, सुनीला जोशी, नीना अग्रवाल, तारा बांगड़, लीला गोस्वामी और रीना डाड ने पूर्ण समर्पण भाव से व्यवस्थाएं संभालीं।


