शाहपुरा में 19 मार्च को ऐतिहासिक हिंदू नव वर्ष महोत्सव: 11,000 कलशों के साथ शाही शोभा यात्रा, साध्वी सरस्वती का उद्बोधन और स्वाति मिश्रा की भजन संध्या
11000 महिलाओं की कलश यात्रा, 108 झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र; नगर और ग्रामीण क्षेत्र से जुटेंगे हजारों श्रद्धालु
मोनू सुरेश छीपा
द वॉयस ऑफ राजस्थान
शाहपुरा। हिंदू नव वर्ष के पावन अवसर पर 19 मार्च को शाहपुरा नगर में भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों को लेकर आदर्श विद्या मंदिर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से द्वारका प्रसाद पारीक को अध्यक्ष, हनुमान धाकड़ को संयोजक तथा जयकिशन घुसर को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
11 हजार कलश और 108 झांकियां रहेंगी मुख्य आकर्षण
आयोजन समिति के अनुसार 19 मार्च को प्रातः 9:00 बजे स्थानीय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से विशाल ‘शाही शोभा यात्रा’ का शुभारंभ होगा। इस शोभा यात्रा में 11,000 महिलाएं सिर पर कलश धारण कर शामिल होंगी। यात्रा में 108 आकर्षक एवं सांस्कृतिक झांकियां, हाथी, घोड़े और ऊंट विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
शोभा यात्रा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से प्रारंभ होकर छतरी, मुख्य बाजार, उदयफान गेट, कलींजरी गेट और बालाजी की छतरी होते हुए पुनः राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में ही संपन्न होगी। आयोजन समिति ने इसे नगर के इतिहास का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बताया है।
साध्वी सरस्वती का संबोधन, स्वाति मिश्रा की भजन संध्या
शोभा यात्रा के पश्चात दोपहर 1:00 बजे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में विशाल धर्मसभा आयोजित होगी, जिसमें प्रखर वक्ता मुख्य उद्बोधन देंगी।
शाम 7:00 बजे से भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें “राम आएंगे” से प्रसिद्ध भजन गायिका अपने भजनों की प्रस्तुति देंगी। उनके आगमन को लेकर युवाओं और महिलाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
बस्तियों में सौंपी गई जिम्मेदारियां
कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए विभिन्न बस्तियों के संयोजकों की घोषणा की गई है—
- ठाकुर बाबा बस्ती – सुरेंद्र जी
- माधव बस्ती – प्रियव्रत जी, राहुल जी बोहरा
- स्वामी रामचरण बस्ती – सुमित जी पारीक
- मुखर्जी बस्ती – विनोद जी सनाढ्य
- बालाजी बस्ती – नंदलाल जी सनाढ्य
- दयानंद बस्ती – राजेश जी धाकड़
- केशव बस्ती – नरेश जी पारीक
इसके अतिरिक्त विभिन्न समितियों का गठन कर कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आयोजन समिति का दावा है कि इस महोत्सव में शाहपुरा नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे और हिंदू नव वर्ष को उत्सव एवं सांस्कृतिक एकता के प्रतीक के रूप में मनाया जाएगा।


