1 मार्च से बिना सिम कार्ड नहीं चलेगा व्हाट्सएप? जानिए सरकार के ‘सिम बाइंडिंग’ नियम की पूरी सच्चाई
28 फरवरी डेडलाइन तय, सुरक्षा के लिए लागू होंगे नए नियम; वेब लॉगिन भी हर 6 घंटे में हो सकता है लॉग-आउट
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘सिम बाइंडिंग’ नियमों को 28 फरवरी से लागू करने की डेडलाइन पर कायम रहने का संकेत दिया है। नए नियमों के तहत मैसेजिंग ऐप्स को सक्रिय मोबाइल सिम से लिंक करना अनिवार्य होगा। इसका सीधा असर WhatsApp, Telegram और Snapchat जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स पर पड़ेगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम साइबर फ्रॉड, फर्जी अकाउंट और डिजिटल धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नियम लागू होने के बाद मोबाइल में सक्रिय सिम कार्ड न होने पर संबंधित मैसेजिंग ऐप काम नहीं कर सकेंगे।
क्या है ‘सिम बाइंडिंग’ नियम?
मैसेजिंग ऐप केवल उसी डिवाइस पर काम करेगा जिसमें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का सक्रिय सिम मौजूद हो।
यदि सिम कार्ड हटाया गया या निष्क्रिय हुआ तो ऐप की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
कंप्यूटर या वेब पर लॉगिन किए गए अकाउंट सुरक्षा कारणों से हर 6 घंटे में स्वतः लॉग-आउट हो सकते हैं।
यूजर्स क्या करें?
सुनिश्चित करें कि आपका रजिस्टर्ड नंबर सक्रिय और रिचार्ज स्थिति में हो।
सिम कार्ड उसी फोन में रखें जिसमें आपका व्हाट्सएप या अन्य ऐप रजिस्टर्ड है।
वेब वर्जन उपयोग करने पर बार-बार लॉगिन की संभावना के लिए तैयार रहें।
सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से इनकार किया है, जिससे 1 मार्च से नियम प्रभावी रूप से लागू होने की संभावना है। ऐसे में करोड़ों यूजर्स को समय रहते आवश्यक तैयारियां करने की सलाह दी गई है।


