शाहपुरा में नववर्ष प्रतिपदा पर ऐतिहासिक शोभायात्रा: 1000 कलश, 108 झांकियां और साध्वी सरस्वती का बड़ा बयान—“शाहपुरा का नाम रामस्नेही नगर हो”
160 गांवों की सहभागिता, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल; भजन संध्या में गायिका स्वाति मिश्रा देंगी प्रस्तुति
✍️ मोनू सुरेश छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान9667171141
भीलवाड़ा (शाहपुरा)।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर शाहपुरा नगर में नववर्ष के स्वागत में भव्य एवं ऐतिहासिक हिन्दू शोभायात्रा का आयोजन किया गया। हिन्दू जागरण मंच के जिला संयोजक हनुमान धाकड़ ने बताया कि इस विराट आयोजन में मातृशक्ति द्वारा लगभग 1000 कलशों की कलशयात्रा, 30 तलवारों से सुसज्जित शस्त्र वाहिनी तथा 108 आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शोभायात्रा में करीब 160 गांवों से भगवाधारी श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे नगर को भगवामय बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित धर्मसभा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। ग्रामीण तहसील संयोजक रामेश्वर लाल धाकड़ एवं सहयोगी भैरूलाल कहार ने बताया कि व्यापक स्तर पर गांव-गांव और ढाणी-ढाणी जाकर निमंत्रण दिया गया, जिसका परिणाम यह रहा कि शोभायात्रा में अभूतपूर्व जनसमूह उमड़ा।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक साध्वी सरस्वती दीदी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में सनातन धर्म की महिमा का वर्णन करते हुए हिन्दू समाज से एकता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “यह धरती शाहजहां की नहीं, रामभक्तों की भूमि है” और शाहपुरा का नाम बदलकर “रामस्नेही नगर” करने की मांग रखी। साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से नाम परिवर्तन की अपील करते हुए आमजन एवं जनप्रतिनिधियों से पत्र लिखने का आह्वान किया।
साध्वी सरस्वती ने मेवाड़ की वीर भूमि को नमन करते हुए इसे महाराणा प्रताप की धरती बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष से प्रारंभ होता है और इसी परंपरा को अपनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आधुनिक समय में बच्चों के अत्यधिक मोबाइल उपयोग पर चिंता जताते हुए माताओं से बच्चों को संस्कारवान बनाने का संदेश दिया।
शोभायात्रा 19 मार्च को प्रातः 11 बजे सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल से प्रारंभ होकर जहाजपुर मार्ग, कलिंजरी गेट, बालाजी की छतरी, सदर बाजार, कुंडगेट, त्रिमूर्ति चौराहा बारहठ स्मारक होते हुए रामद्वारा के सामने पुनः विद्यालय परिसर में पहुंची।
शाम 7:30 बजे आयोजित भजन संध्या में प्रसिद्ध गायिका स्वाति मिश्रा द्वारा प्रभु श्रीराम के भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी, जिसकी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
कार्यक्रम में शस्त्र प्रमुख विभाग संयोजक धनराज वैष्णव, राजेश सिंह राणावत एवं विष्णु वैष्णव के नेतृत्व में शस्त्र वाहिनी का संचालन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और भगवा ध्वजों के साथ वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना रहा।


