प्रह्लाद पुकार और नरसिंह अवतार का प्रसंग सुन मुग्ध हुए श्रद्धालु ।
रायला
ईरांस पंचायत के माधोपुरा ग्राम में श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन पंडित पवन शास्त्री महाराज ने भक्त प्रह्लाद की पुकार और नरसिंह अवतार के आगमन का प्रसंग सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया।
कथा में बताया कि भक्त प्रह्लाद जब अपनी मां कयादु के गर्भ में थे तभी उन्हें गुरु नारद द्वारा ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति हो गई थी। गुरु की प्रेरणा से ही उनके भीतर भगवान हरि के प्रति अनन्य प्रेम जागृत हुआ। शास्त्रों के अनुसार जब नरसिंह भगवान हिरण्यकश्यप का वध कर भक्त प्रह्लाद को अपनी गोद में बैठाकर प्रेमपूर्वक पूछा मांगो तुम्हें क्या वर चाहिए तब प्रह्लाद ने हिरण्यकश्यप सहित अन्य सभी पापी आत्माओं का कल्याण मांगा और उनके बदले स्वयं के लिए नरक मांग लिया। तब प्रभु ने कहा कि प्रह्लाद नरक में हमारा वास नहीं है, वहां तुम मेरे दर्शन कैसे करोगे।


