शिव महापुराण कथा में राजा दक्ष द्वारा भगवान् शिव के अपमान का वर्णन किया।
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गुलाबपुरा (रामकिशन वैष्णव) स्थानीय सार्वजनिक धर्मशाला में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिन कथा वाचक पंडित पवन शास्त्री जी ने बताया कि सती चरित्र राजा दक्ष को प्रजापति पद की प्राप्ति भगवान शिव को अपमानित करने के उद्देश्य से राजा दक्ष ने यज्ञ किया। लेकिन संसार के अंदर कोई भी कार्य जिसमें किसी का अपमान निहित हो उस कार्य में कभी सफलता प्राप्त नहीं होती है तथा वीरभद्र भगवान ने राजा दक्ष के यज्ञ को नष्ट किया क्योंकि उस यज्ञ के अंदर सती माता ने अपने शरीर का त्याग किया था। माता सती द्वितीय जन्म में पार्वती के रूप मे हिमाचल राजा के घर पुत्री के रूप में अवतार धारण किया और फिर भगवान शिव के साथ विवाह किया।
कथा का आयोजन आगल परिवार गुलाबपुरा द्वारा किया जा रहा है । कथा व्यास पंडित पवन जी शास्त्री आगूचा वाले व संगीत सेवा भवानी शंकर है व शिव महापुराण की कथा 28 मार्च 2025 तक चलेगी। कथा परम पूज्य गुरुदेव श्री 108 महंतश्री लवकुश दास जी त्यागी चिंता हरण बालाजी गुलाबपुरा वालों के सानिध्य में चल रही है।



