*कौन होगा राजस्थान का नया मुख्यमंत्री?*
*हॉट सीट पर वसुंधरा और किरोड़ी लाल मीणा!*
*दिल्ली में फेंटे जा रहे हैं ताः के पत्ते!!*
*सुरेन्द्र चतुर्वेदी*
*दिल्ली राजस्थान को लेकर ज़्यादा ही चिंता में है। राज्य सरकार अपनी छवि जो नहीं बना पा रही। मुख्यमंत्री भजन लाल ! अन्य मंत्री! विधायक! उच्चाधिकारी! जनता! सब उलझे हुए नज़र आ रहे हैं। लग ही नहीं रहा कि सरकार कुछ विशेष कर पा रही है। ऐसा भी नहीं कि भजन लाल काम नहीं कर रहे मगर उनके हर रोज़ यात्रा पर निकल जाने की आदत ने उनकी छवि को पर्यटन मंत्री बना दिया है।*🙋♂️
*इधर अधिकारियों की गुटबाज़ी ने राज्य के विकास को चुटकले में ढाल दिया है। जनता के विकास की जगह लूट पाट पर ध्यान दिया जा रहा है।*😱
*मुख्य सचिव सुधांशु पंत चाह कर भी अपने बेक़ाबू और स्वेच्छाचारी हो गए अधीनस्थ कर्मचारियों पर ब्रेक नहीं लगा पा रहे। गुटों के सरगना अधिकारियों का पूरा ध्यान सत्ता के केंद्रीकरण पर लगा हुआ है। हर सरगना चाहता है कि उसकी टीम सत्ता पर क़ाबिज़ रहे। इस खेल में अधिकारियों के बीच कुश्तियां ( हाथापाई तक ) चल रही हैं। मंत्री इस बात से ख़फ़ा हैं कि अधिकारी उनकी एक नहीं सुन रहे। अव्वल तो मुख्यमंत्री से उनको मिलने का सौभाग्य ही नहीं मिलता और मिल भी जाए तो किसी अधिकारी की शिक़ायत पर कोई कार्यवाही मुख्यमंत्री करवा नहीं पाते।*😳
*मुख्यमंत्री भजन लाल की मजबूरी लगता है यह है कि मुख्य सचिव सुधांशु दिल्ली की पसंद हैं और उनको भेजा ही सरकार चलाने के लिए है। मित्रों! सचिवालय पर दिल्ली का कब्ज़ा तक तो चलो ठीक है कि सरकार की सभी गतिविधियाँ दिल्ली की जानकारी में रहें। मगर मुख्यमंत्री कार्यालय में भी बेकाबू अधिकारी शिखर अग्रवाल को भी उनकी इच्छा के विपरीत दिल्ली ने थोप रखा है। इनके आगे तो मुख्यमंत्री से लेकर राज्य के प्रशासनिक मुखिया तक सभी लाचार हैं।*💁♂️
*दिल्ली को अब यह पता चल चुका है कि विभिन्न कारणों से चल रहा राजस्थान में सरकार का ढीलापन भाजपा के भविष्य को ख़तरे में डाल सकता है। यही वज़ह है कि दिल्ली के शीर्ष नेता पशोपेश में हैं। गले में अटकी हड्डी बनता जा रहा है उनका पर्ची प्रयोग। न निगलते बन रहा है न उगलते।*🫢
*इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर संघ और संगठन के बीच खिंच रहीं तलवारें भी लम्बे समय से सत्ता को परेशान किये हुए है।*🤨
*प्रशासनिक तंत्र और राजनेताओं के बीच चल रहें अंतरद्वन्द के चलते राजस्थान में मुख्यमंत्री का बदलना तय माना जा रहा है। कोई चमत्कार ही इस होनी को टाल सकता है।*🫢
*इधर राज्य के मन्त्रीमंडल के बदलाव और विस्तार को लेकर जो क़यास लगाए जा रहे थे उन पर विराम लग चुका है। अब तो दिल्ली को त्वरित फ़ैसला लेना है कि भजन लाल को बरक़रार रखना है या नहीं❓*🙄
*यदि नहीं तो नए मुख्यमंत्री के साथ पूरा मंत्रीमंडल बदल जाएगा और यदि भजन लाल के अच्छे दिन क़ायम रहे तो मंत्री मंडल का विस्तार हो जाएगा।*🤷♂️
*दिल्ली में नए मुख्यमंत्री को लेकर जो नाम ज़ोर पकड़ रहे हैं उनमें दो नेताओं में से एक तय माना जा रहा है। ये दोनों ही नेता जड़ों से जुड़े हुए हैं और इनका प्रभाव जनता जनार्दन में तिलिस्मी है। दोनों नेता यद्यपि उम्रदराज़ हैं मगर इनका सियासती प्रभाव बेहद व्यापक है। इनमें एक पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हैं तो दूसरे किरोड़ी लाल मीणा हैं। यूँ युवा नेता राज्यवर्धन सिंह का नाम भी आगे बढाया जा रहा है।*🙋♂️
*दिल्ली में जुड़वां भाईयों की नज़र में किरोड़ी लाल ज़ियादा बेहतर माने जा रहे हैं। उनकी ईमानदार और जुझारू छवि को इसके लिए बेहतर माना जा रहा है। वसुंधरा से उनकी पुरानी खुन्नस भी किरोड़ी को मदद कर रही है।*💁♂️
*लोकप्रियता की दृष्टि से वसुंधरा सर्वमान्य नेता हैं। जहाँ तक आर एस एस का सवाल है संघ प्रमुख मोहन भागवत दोनों ही नेताओं पर सहमत हैं। ज़ाहिर है यदि बदलाव हुआ तो वसुंधरा और मीणा में से ही किसी एक नाम की पर्ची कटेगी।*🙋♂️
*फ़िलहाल देखना है कि भजन लाल की कुंडली में और कितने दिन का राजपाठ लिखा है।*🙄



