मारपीट के आरोपियों को सजा
अपर सेशन न्यायाधीश कैम्प कोर्ट (जहाजपुर) का फैसला।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सानिया हाशमी ने देवली पुलिस थाना हनुमान नगर जिला भीलवाड़ा में वर्ष 2017 में हुई मारपीट के अभियुक्तगण
आशुतोष और अश्वनी कुमार को अलग अलग अपराध धाराओं में सजा सुनाई।
अपरलोक अभियोजक हितेष शर्मा ने बताया कि
उक्त प्रकरण में पत्रावली पर उपलब्ध तथ्यों के अनुसार
परिवादी राजेंद्र कुमार द्वारा थानाधिकारी पुलिस थाना हनुमान नगर को एक तहरीरी रिपोर्ट पेश कर मुकदमा इस आशय का दर्ज कराया की परिवादी ,
का भाई और और उसका भतीजा तीन जने अपनी मोटरसाइकिल पर अपनी होटल से घर के लिए रवाना हुए और पेट्रोल पंप चौराहे पर पहुंचे तो वहां छह सात लोगों ने उनको रोक कर उनको चाकू की नोक पर छीना झपटी की और जानलेवा हमला करते हुए उनके गले से सोने की चेन और नगदी छीन ली, इस मारपीट में उनके गंभीर चोटे आई
इत्यादि ।
जिस पर पुलिस थाना हनुमान नगर द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया, प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 105/2017 पुलिस थाना हनुमान नगर अपराध धारा 143, 341, 307 भारतीय दंड संहिता, संपूर्ण अनुसंधान पूरा होने के बाद अभियुक्तगण
आशुतोष और अश्वनी कुमार के खिलाफ अपराध धारा 143, 341,324, 326 307 सहपठित धारा 34 भारतीय दंड संहिता और धारा 4/25 आयुध अधिनियम में माननीय न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट जहाजपुर जिला भीलवाड में आरोप पत्र पेश किया गया जहां से आरोप सेशन न्यायालय में विचारणीय होने से माननीय सेशन न्यायालय शाहपुरा कैंप जहाजपुर में कमिट होकर दर्ज हुआ।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा ने पैरवी की।
प्रकरण में अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा द्वारा 15 साक्षी परीक्षित करवाए गए एवं पत्रवाली में पेश 38 दस्तावेजों पर प्रदर्श अंकित कराए गए ।
इसके आधार पर माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सानिया हाशमी ने अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश सभी गवाहों ओर दस्तावेजों से सहमत होते हुए अभियुक्तगण
आशुतोष और अश्वनी कुमार निवासी देवली पुलिस थाना हनुमान नगर जिला भीलवाड़ा को धारा अन्तर्गत अपराध धारा 143, 341,324, 326 307 न सहपठित धारा 34 भारतीय दंड संहिता और धारा 4/25 आयुध अधिनियम
भारतीय दंड संहिता के दोष सिद्ध आरोप में अलग अलग धाराओं में अलग अलग सजा सुनाते हुए अधिकतम दस वर्ष के साधारण कारावास और पच्चीस हजार रुपए के अर्थदंड की सज़ा सुनाई।


