*ब्राह्मण अपने स्वरूप व ब्राह्मणत्व को पहचाने- जगतगुरु श्यामशरण महाराज*
*राष्ट्र में बदल रहे असन्तुलित जनसंख्या वृद्धि दर पर ध्यान दे सनातनी- बालमुकन्दाचार्य*
*भगवान परशुराम जी की प्रतिमा प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित, शोभायात्रा में उमड़े ब्राह्मण समाजजन*
✍️ *मोनू एस.छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा,05अक्टूबर।
ब्राह्मण का जन्म राष्ट्र को ज्ञान देने, एकजुट रखने व सनातन संस्कृति परम वैभव की रक्षार्थ ही होता है। ब्राह्मण अपने स्वरूप व ब्राह्मणत्व को पहचाने। ये बात शाहपुरा में नगर पालिका सर्व ब्राह्मण समाज तथा विप्र सेना के तत्वाधान में आयोजित भगवान परशुराम की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में निम्बार्काचार्य जगतगुरु श्यामशरण महाराज ने कार्यक्रम में मौजूद हजारों ब्राह्मण महिला पुरुषों तथा शहर के गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए कहीं। इससे पूर्व जगतगुरु श्यामशरण महाराज के सानिध्य में, हाथोज धाम के पीठाधीश एवं हवामहल विधानसभा विधायक बालमुकुंद आचार्य महाराज की अध्यक्षता, स्थानीय विधायक डॉ लालाराम बेरवा के मुख्य अतिथि व विप्र सेना प्रमुख सुनील तिवारी की उपस्थिति में भगवान परशुराम की प्रतिमा की प्रतिष्ठा व नगर पालिका द्वारा करीब 8.50 की लागत से बनी परशुराम वाटिका का लोकार्पण किया। इससे पूर्व बालाजी की छतरी से आयोजन स्थल तक भव्य कलश यात्रा एवं शोभायात्रा का आयोजन किया गया इस दौरान करीब 1100 महिलाओं ने सर पर मंगलकलश लेकर व हजारों की तादात में शाहपुरा, फुलिया, जहाजपुर, कोटड़ी तहसील क्षेत्रों के ब्राह्मण समाजजन मौजूद रहे। शोभा यात्रा एवं कलश यात्रा के स्वागत के लिए यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर तोरणदार सजाकर शहर वासियों एवं विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया
पूर्णावती कार्यक्रम के दोरान जगद्गुरु श्याम शरण महाराज द्वारा भगवान परशुराम की प्रतिमा का माल्यार्पण कर पूजन किया गया वहीं तीन दिवसीय हवन कार्यक्रम में पूर्णाहुति देकर ब्राह्मण समाज का मनोरथ पूर्ण किया।
इसके पश्चात राजकीय महाविद्यालय खेल मैदान में आयोजित धर्म सभा में जगद्गुरु ने संबोधित करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज को सदैव अपने स्वरूप को सनातन संस्कृति के अनुरूप बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज अनादि काल से ज्ञान, नीति और समरसता का प्रचारक रहा है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वह धर्म, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाता रहे। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण राजनीति, राजकीय सेवा अथवा राष्ट्र में किसी भी क्षेत्र में कार्यरत हो उसे अपने स्वरूप का ज्ञान अवश्य होना आवश्यक है। ईश्वर ने ब्राह्मण की कृति राष्ट्र को सद्मार्ग पर ले जाने के लिए ही निर्मित की है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि संतति की पहली गुरु माता ही होती है अपनी संतानों में सुसंस्कार भरकर उन्हें राष्ट्र एवं सामाज की सेवा में समर्पित करें।
*राष्ट्र में हो रहे असंतुलित जनसंख्या वृद्धि पर ध्यान दे सनातनी- बालमकुंदाचार्य*
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हाथोज धाम के पीठाधीश एवं हवा महल विधानसभा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने अपने तेज तर्रार संबोधन में समस्त सनातनियों को सनातन की रक्षा के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्र में एक वर्ग की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। हमारे लिए हम दो हमारे दो से हम दो हमारे एक हो गया परन्तु दूसरी ओर हम दो हमारे 32 जारी है। यह संतुलित जनसंख्या वृद्धि सनातन संस्कृति एवं राष्ट्र के लिए भविष्य में घातक साबित होगी। उन्होंने मुगल काल का उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार उसे कालखंड में कई सनातनी विरासत का नाश किया गया वहीं हजारों लाखों की तादाद में सनातनियों का जबरन धर्म परिवर्तन करवा कर सनातन को क्षति पहुंचाई। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद मातृशक्ति को संतति बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए उन्हें शिव का गण बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राष्ट्र ने सनातन संस्कृति के गौरवशाली इतिहास को फिर से जाना है और इसी का परिणाम है कि आज की पीढ़ी अयोध्या में भगवान श्रीराम लल्ला के भव्य मंदिर को निर्मित होते देख सकी है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही काशी विश्वनाथ एवं मथुरा में भी फिर से सांस्कृतिक गौरव की झलक देखने को मिलेगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक डॉ लालाराम बैरवा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम ने अपने जीवन काल में भारत भूमि पर गो हत्या एवं अत्याचारियों का नाश कर सनातन संस्कृति को जीवित रखा। उन्होंने ही राष्ट्र को शास्त्र एवं शस्त्र का ज्ञान रखना की महत्वपूर्ण प्रेरणा दी। डॉ बैरवा ने बताया कि वर्तमान में केंद्र की सरकार के मजबूत नेतृत्व में राष्ट्र सनातन संस्कृति को बढ़ावा देकर सैन्य शक्ति में भी राष्ट्र को मजबूती मिली है। आज भारत के मजबूत नेतृत्व एवं ताकत को पूरा विश्व मान रहा है।
कार्यक्रम के अतिथि विप्र सेवा प्रमुख सुनील तिवारी ने भी अपने संबोधन में बताया कि ब्राह्मण समाज की एकजुटता समाज ही नहीं सनातन की रक्षा के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जयपुर में लाखों की तादाद में ब्राह्मणों ने एकजुट होकर प्रदेश में अपनी शक्ति का परिचय दिया। जिसके बदौलत दशकों बाद प्रदेश का नेतृत्व आज ब्राह्मण नेता के रूप में सुव्यवस्थित संचालित है। इस मौके पर उन्होंने हाल ही में भीलवाड़ा में ब्राह्मण समाज जनों पर हुए लाठीचार्ज की घटना पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मंच पर मौजूद प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों से कार्यवाही की मांग की अन्यथा विप्र सेवा द्वारा आंदोलन की भी चेतावनी दे डाली।
कार्यक्रम में स्थानीय नगर पालिका अध्यक्ष ने शहर में करवाए गए विभिन्न विकास कार्यों का विवरण प्रस्तुत करने के साथ ही बताया कि पालिका द्वारा हाल ही में जैन समाज का स्मारक, स्वतंत्रता सेनानी हेमू कालानी का स्मारक के साथ ही भगवान परशुराम के स्मारक का निर्माण करवाया है। शीघ्र ही धरती देवरा शिवालय में बन रहे स्टील डॉम एवं भाना गणेश जी मंदिर में नवनिर्मित सामुदायिक होल का भी उद्घाटन करवाया जाएगा।
कार्यक्रम में विप्र सेना के प्रदेश युवा अध्यक्ष दिनेश दादिया, भीलवाड़ा नगर निगम मेयर राकेश पाठक, पूर्व विधायक विठ्ठल अवस्थी, भाजपा नगर अध्यक्ष पंकज सुगन्धी सहित कई अतिथियों सहित हज़ारों की संख्या में ब्राह्मण समाज के महिला-पुरुष, नगरवासी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


