सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सख्त — शराब पीकर वाहन चलाने वालों का लाइसेंस होगा रद्द, अवैध कट व अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
प्रदेशभर में 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान शुरू, विभागीय लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू
✍️ *मोनू एस.छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
जयपुर, 5 नवम्बर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़, सुरक्षित और अनुशासित बनाने के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियंत्रण व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने वाले और ओवरस्पीड के बार-बार चालान वाले चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जाए। उन्होंने परिवहन, पुलिस और सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि 4 नवम्बर से आगामी 15 दिनों तक प्रदेशव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जाए, ताकि यातायात नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जा सके और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
🚦 सख्त नियम और जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों में समय पर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठक नहीं लेने वाले जिला कलक्टरों से जवाब तलब करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भारी वाहन चालकों के लाइसेंस नवीनीकरण के समय आँखों की जाँच रिपोर्ट गलत पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
🚗 ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग और अवैध कट पर सख्त रोक
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग और पुलिस को कहा कि ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग और शराब पीकर वाहन चलाने जैसे गंभीर उल्लंघनों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर मौजूद सभी अवैध कटों को तत्काल बंद किया जाए और हाईवे किनारे के अतिक्रमण व अवैध ढाबों को हटाया जाए।
उन्होंने जयपुर-कोटा, जयपुर-दिल्ली, जयपुर-अजमेर और जयपुर-भरतपुर हाईवे पर वाहन चालकों के लिए नए आरामस्थलों की भूमि चिन्हित कर निर्माण करवाने के निर्देश दिए।
🚧 एनएचएआई और पुलिस के लिए सख्त दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री ने एनएचएआई अधिकारियों को भारतमाला प्रोजेक्ट और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के किनारे स्थित सभी अवैध निर्माणों और ढाबों को हटाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि हाईवे पर तय स्थानों के अलावा कहीं भी वाहन रोकने पर चालान किया जाए, और इन सभी कार्रवाइयों की निगरानी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी करें।
🏥 दुर्घटनाओं में शीघ्र चिकित्सा सहायता पर जोर
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटना के घायलों को एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के माध्यम से तत्काल अस्पताल पहुँचाया जाए। साथ ही 15 नवम्बर से 15 फरवरी तक ट्रक चालकों की आंखों की जांच विशेष अभियान के रूप में करवाई जाए।
उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट कंपनियां अपने चालकों से ओवरटाइम ड्राइविंग करवाने की प्रवृत्ति बंद करें, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोहरे के समय सड़क किनारे रिफ्लेक्टर्स लगाने, पेड़ों की कटाई व दृश्यता बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
🚨 इंटरसेप्टर व नो-एंट्री जोन पर निगरानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में इंटरसेप्टर वाहन तैनात किए जाएं ताकि ओवरस्पीडिंग और गलत दिशा में चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई हो सके।
उन्होंने कहा कि नो एंट्री जोन में गलत समय पर भारी वाहन आने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और इन क्षेत्रों की पुनः समीक्षा की जाए।
जयपुर पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए गए कि रात्रिकालीन ट्रैफिक व्यवस्था को और सुदृढ़ व प्रभावी बनाया जाए और आवश्यकता अनुसार ट्रैफिक पुलिस का बल बढ़ाया जाए।
🚶♂️ पैदल यात्रियों और जनसहयोग पर भी जोर
मुख्यमंत्री शर्मा ने पैदलयात्रियों के मार्गों पर अतिक्रमण व अवरोधकों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए ड्राइविंग लाइसेंस और नवीनीकरण के समय सभी नियमों की सख्त पालना होनी चाहिए।
साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को सम्मानित करने की भी घोषणा की।
📢 व्यापक जनजागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने परिवहन, पुलिस और सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाए और विभागीय कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संदेश:
“सड़क सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हर नागरिक का कर्तव्य है। अगर हर व्यक्ति नियमों का पालन करे तो एक भी जान सड़क पर व्यर्थ नहीं जाएगी।”
बैठक में उपस्थित:
परिवहन, गृह, पुलिस, सार्वजनिक निर्माण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगरीय विकास, जेडीए, एनएचएआई सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


