शाहपुरा में 10 दिवसीय आयुर्वेद शिविर का पांचवां दिन रहा ऐतिहासिक, क्षार सूत्र व अग्निकर्म से हजारों को राहत
रामशाला भवन में उमड़ा जनसैलाब, 20 दिसंबर तक 1335 से अधिक रोगियों ने लिया उपचार; शिविर में अभी चार दिन शेष
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा | 20 दिसंबर 2025
रिपोर्ट: मोनू सुरेश छीपा
रामशाला भवन, बस स्टैंड स्थित 10 दिवसीय विशिष्ट आयुर्वेद चिकित्सा शिविर के पांचवें दिन भी मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक महाराज सिंह के कुशल मार्गदर्शन में संचालित इस शिविर में क्षार सूत्र, अग्निकर्म, पंचकर्म एवं स्वर्ण प्राशन जैसी उन्नत आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से हजारों रोगियों को लाभ मिल रहा है।
क्षार सूत्र से जटिल रोगों का सफल उपचार
शिविर प्रभारी वरिष्ठ चिकित्सक नारायण सिंह ने बताया कि शल्य इकाई में पाइल्स (बवासीर) एवं फिस्टुला के रोगियों के लिए क्षार सूत्र उपचार निरंतर जारी है। अब तक किए गए ऑपरेशनों के बाद रोगियों की रिकवरी की समीक्षा भी की गई।
आज चिकित्सक डॉ. विनीत जैन एवं डॉ. तरुण मीणा द्वारा जटिल पाइल्स व फिस्टुला के 20 सफल क्षार सूत्र ऑपरेशन किए गए।
अग्निकर्म से पुराने दर्दों में त्वरित राहत
आज विशेष रूप से साइटिका एवं पुराने घुटनों के दर्द से पीड़ित रोगियों के लिए अग्निकर्म सत्र आयोजित किया गया। शलाका के माध्यम से किए गए इस उपचार से बिना किसी दुष्प्रभाव के रोगियों को मौके पर ही दर्द से राहत मिली, जिससे वृद्धजन विशेष रूप से लाभान्वित हुए।
स्वर्ण प्राशन और पंचकर्म सेवाएं जारी
शिविर में 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहीं पंचकर्म विभाग में स्नेहन एवं स्वेदन के माध्यम से शरीर शुद्धिकरण की प्रक्रियाएं लगातार चल रही हैं।
1335 रोगियों ने उठाया लाभ
कैंप में आज विभिन्न प्रकार के रोगों से पीड़ित कुल 1335 रोगियों ने पंजीकरण कर उपचार प्राप्त किया। वरिष्ठ चिकित्सक नारायण सिंह ने बताया कि 10 दिवसीय शिविर होने के कारण पंचकर्म और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर के लिए रोगियों को पर्याप्त समय मिल रहा है। शिविर की सेवाएं आगामी चार दिनों तक इसी प्रकार जारी रहेंगी।
समापन 10वें दिन, अभी 4 दिन शेष
डॉ. श्याम सुंदर स्वर्णकार ने जानकारी दी कि शिविर का समापन 10वें दिन होगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि वे या उनके परिचित किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो शेष चार दिनों में प्रातः रामशाला भवन पहुंचकर निःशुल्क आयुर्वेदिक सेवाओं का लाभ अवश्य लें।
डॉ. तरुण मीणा का विदाई समारोह
शिविर के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए डॉ. तरुण मीणा का विदाई समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सकों एवं आयोजकों ने उनके योगदान की सराहना की।
आयुर्वेद सेवा यज्ञ के रूप में यह शिविर शाहपुरा क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता और रोगमुक्त जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है।



