शाहपुरा में शौर्य का महाकुंभ: ठा. केसरी सिंह बारहठ की स्मृति में शौर्य दिवस व शहीद मेले का भव्य आयोजन
23 दिसंबर को बारहठ स्मारक पर गूंजेंगी बलिदान की अमर गाथाएँ

✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा (भीलवाड़ा)।
राजस्थान की वीरभूमि शाहपुरा एक बार फिर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगने जा रही है। क्रांतिकारी शिरोमणि ठा. केसरी सिंह बारहठ की पावन स्मृति में शौर्य दिवस एवं शहीद मेले का भव्य आयोजन मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को प्रातः 10 बजे, बारहठ स्मारक, त्रिमूर्ति चौराहा पर किया जाएगा।
यह आयोजन देशभक्ति, त्याग और बलिदान की उन अमर गाथाओं को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा, जिनके कारण भारत स्वतंत्र हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के उन गुमनाम नायकों से परिचित कराना है, जिनका योगदान इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है।
आयोजन से जुड़े स्वराज सिंह ने बताया कि शहीद मेले के दौरान बारहठ परिवार के महान राष्ट्रभक्तों—
वीरवर ठा. जोरावर सिंह बारहठ एवं अमर शहीद कुंवर प्रताप सिंह बारहठ—के अद्वितीय बलिदान और राष्ट्रसेवा को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाएगा। तीन पीढ़ियों में राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाला बारहठ परिवार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अद्वितीय मिसाल है।
शौर्य दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा, विचार गोष्ठी, प्रेरक उद्बोधन तथा देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस राष्ट्रीय चेतना से परिपूर्ण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी वर्ग एवं बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रहेगी।
आयोजक संस्था केसरी सिंह बारहठ सेवा समिति, शाहपुरा (भीलवाड़ा) ने समस्त देशप्रेमी नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागी बनकर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करें और राष्ट्र के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें।
शौर्य दिवस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले क्रांतिकारियों के प्रति सम्मान, स्मरण और संकल्प का पर्व है, जो समाज में राष्ट्रभक्ति, आत्मगौरव और बलिदान की भावना को और अधिक प्रबल करेगा।


