यूरिया खाद के लिए कड़ाके की ठंड में किसानों का संघर्ष, सहकारी समिति के बाहर चारपाई डालकर रातभर किया इंतजार
गाडरमाला गांव में खाद संकट की तस्वीर, सुबह लाइन में आगे रहने के लिए खुले आसमान तले सोने को मजबूर किसान
गुरला (सत्यनारायण सेन)।
भीलवाड़ा जिले के गुरला क्षेत्र के गाडरमाला गांव से किसानों की परेशानी की मार्मिक तस्वीर सामने आई है। रबी फसलों के लिए आवश्यक यूरिया खाद पाने के लिए किसान कड़ाके की ठंड में पूरी रात सहकारी समिति के बाहर चारपाई डालकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
ग्रामीण किसानों ने बताया कि बीते दिन सहकारी समिति में खाद की गाड़ी खाली हुई थी और अगले दिन खाद वितरण की सूचना मिली। इसी के चलते किसान रात से ही समिति परिसर के बाहर पहुंच गए और लाइन में आगे स्थान पाने के लिए खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हुए।
भयंकर सर्दी के बावजूद किसान पूरी रात वहीं डटे रहे। किसानों का कहना है कि इस समय रबी फसलों के लिए यूरिया खाद अत्यंत आवश्यक है, लेकिन समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि खाद के चक्कर में उन्हें पूरी रात वहीं गुजारनी पड़ी, ताकि सुबह लाइन में पीछे न रह जाएं। यह स्थिति कृषि व्यवस्थाओं और खाद आपूर्ति प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
यूरिया खाद के लिए कड़ाके की ठंड में किसानों का संघर्ष, सहकारी समिति के बाहर चारपाई डालकर रातभर किया इंतजार गाडरमाला गांव में खाद संकट की तस्वीर, सुबह लाइन में आगे रहने के लिए खुले आसमान तले सोने को मजबूर किसान
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