*संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का आगाज 2 फरवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ*
*अग्रवाल उत्सव भवन में रामस्नेही संत दिग्विजयरामजी महाराज के मुखारबिंद से होगा कथा वाचन*

✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा,29 जनवरी। धर्मनगरी भीलवाड़ा में 2 से 8 फरवरी तक रोडवेज बस स्टेण्ड के पास अग्रवाल उत्सव भवन में होने वाले संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा आयोजन के लिए तैयारियां जारी है। स्व.श्रीमती गीतादेवी तोषनीवाल चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित होने वाले इस श्रीमद भागवत कथा आयोजन में प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक व्यासपीठ से रामद्वारा चित्तौड़गढ़ के रामस्नेही संत ओजस्वी प्रखर वक्ता श्री दिग्विजय रामजी महाराज के मुखारबिंद से कथावाचन होगा। संगीतमय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान महोत्सव का आगाज 2 फरवरी को सुबह 10.15 बजे माणिक्यनगर रामद्वारा से कथास्थल अग्रवाल उत्सव भवन तक निकाली जाने वाली भव्य कलश शोभायात्रा के साथ होगा। सात दिवसीय इस भव्य आयोजन के दौरान 7 फरवरी को शाम 7 बजे से राष्ट्रीय संत नैनौराधाम के डॉ. मिथिलेश नागर के मुखारबिंद से संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा। कथा महोत्सव के दौरान 2 से 8 फरवरी तक पंच कुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ होगा। ये महायज्ञ प्रतिदिन सुबह 8 से दोपहर 12.30 बजे तक ज्ञायिक रत्न आचार्य पंडित गौरीशंकर शास्त्री एवं वैदिक विद्धानों के तत्वावधान में होगा। महोत्सव के दौरान 5 फरवरी की रात 8 बजे से कथा स्थल पर भव्य नंद महोत्सव का आयोजन होगा। इसी तरह 7 फरवरी को मंगलमय तुलसी विवाहोत्सव का आयोजन होगा। इस कथा आयोजन का लाभ भीलवाड़ा के अधिकाधिक धर्मप्रेमियों को मिले इसके लिए विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों को भी इस आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
*कथा महोत्सव में हर दिन अलग-अलग प्रसंगों का वाचन*
आयोजन समिति के रामस्वरूप तोषनीवाल ने बताया कि संगीतमय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान में पहले दिन व्यास पीठ पर श्रीमद् भागवत की स्थापना के साथ श्रीमद् भागवत महात्म्य मंगलाचरण कथा प्रारंभ होगी। इसी तरह दूसरे दिन 3 फरवरी को कपिल देवहुति संवाद, सती चरित्र व धु्रव चरित्र, 4 फरवरी को जड़भरत संवाद नृसिंह अवतार/प्रहलाद चरित्र प्रसंग का वाचन होगा। कथा में चौथे दिन 5 फरवरी काकृष्णजन्म नंदोत्सव, 6 फरवरी को श्रीकृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा प्रसंग का वाचन एवं छप्पन भोग का आयोजन होगा। कथा में 7 फरवरी को उद्धव चरित्र, रूक्मणी विवाह एवं 8 फरवरी को समापन दिवस पर कथा पूर्णाहुति से पूर्व सुदामा चरित्र एवं परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वाचन होगा।


