सागवाड़ा: आचार्य पुलक सागरजी के सानिध्य में उमड़ा जनसैलाब, ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ में गूंजा हिंदुत्व का शंखनाद
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
सागवाड़ा | 31 जनवरी 2026
डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर में आज एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। राष्ट्रसंत आचार्य श्री पुलक सागरजी महाराज के पावन सानिध्य में ‘ज्ञान-गंगा महोत्सव’ के अंतर्गत ऋषभ वाटिका में ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में सागवाड़ा नगर की दसों बस्तियों के सकल हिंदू समाज ने सामूहिक रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
हिंदुत्व और संस्कारों पर दिया जोर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांत प्रचारक मुरली जी भाई साहेब ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राष्ट्रवाद और हिंदू संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
”हम जिस धरती पर बैठे हैं, वह हमारी माँ है। भारत दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जिसे ‘माता’ कहकर पुकारा जाता है। हमारी मातृशक्ति ने ही राम, महावीर, बुद्ध और महाराणा प्रताप जैसे महापुरुषों को संस्कार देकर इस राष्ट्र को गौरवान्वित किया है।”
आचार्य श्री के चरणों में वंदन
सम्मेलन की शुरुआत में मुरली जी भाई साहेब ने आचार्य श्री पुलक सागरजी और अन्य मुनिराजों के चरणों में सादर वंदन किया। उन्होंने नगर के सभी जनप्रतिनिधियों, विभिन्न जातियों के प्रमुखों और समाज के प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त किया।
नगर की एकता का प्रतीक
सम्मेलन के दौरान पूरा पंडाल ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गुंजायमान रहा। सागवाड़ा के सकल हिंदू समाज की इस एकजुटता ने समाज में समरसता और एकता का एक सशक्त संदेश दिया है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।


