शिव महापुराण कथा के छठे दिन शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन
भगवान शिव की दिव्य बारात, गणेश एवं कार्तिकेय जन्म सहित अनेक प्रसंगों का हुआ श्रवण
गुलाबपुरा (हुरड़ा) | रामकिशन वैष्णव
श्री चारभुजा महिला मंडल एवं श्री लखदातार मित्र मंडल के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के छठे दिवस पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का रसपान किया। कथा व्यास पंडित अर्जुनराम जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही कथा अमृत गंगा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कथा के छठे दिन व्यास महाराज ने भगवान शिव की अद्भुत एवं अलौकिक बारात, हिमाचल पुत्री माता पार्वती के साथ उनके विवाह तथा भगवान शिव के गृहस्थ जीवन का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि शिव-पार्वती का विवाह केवल एक वैवाहिक प्रसंग नहीं, बल्कि शक्ति और शिव के दिव्य मिलन का प्रतीक है।
कथा के दौरान भगवान कार्तिकेय के जन्म, गणपति महाराज के प्राकट्य, ताड़कासुर और देवताओं के सेनापति कार्तिकेय के मध्य हुए युद्ध तथा ताड़कासुर के वध की कथा भी सुनाई गई। इसके साथ ही भगवान गणेश और सिद्धि-बुद्धि के विवाह तथा शुभ और लाभ के जन्म का मार्मिक एवं प्रेरणादायक वर्णन किया गया।
कथा के दौरान भगवान भोलेनाथ के सुमधुर एवं पौराणिक भजनों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और भक्ति रस में सराबोर होकर नृत्य करते हुए भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया।
कथा के यजमान दंपति विनोद पुरोहित एवं सत्यनारायण टेलर रहे। कथा समापन के पश्चात प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसकी व्यवस्था काबरा परिवार, दाधीच परिवार, सैनी परिवार एवं श्री चारभुजा महिला मंडल की ओर से की गई।
— मोनू सुरेश छीपा
द वॉयस ऑफ राजस्थान


