मेघरास: वैष्णव बैरागी समाज की धर्म गोष्ठी आयोजित, सदाचार और संस्कारों के साथ नारी सुरक्षा पर दिया जोर
गुलाबपुरा (रामकिशन वैष्णव) | निकटवर्ती ग्राम मेघरास में वैष्णव बैरागी समाज के तत्वाधान में एक विशेष धर्म गोष्ठी और संस्कार संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाने, सदाचार अपनाने और आने वाली पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने पर गंभीर चर्चा की गई।
शुभारंभ और मुख्य अतिथि:
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में किशनगढ़ के प्रसिद्ध भामाशाह रामस्वरूप वैष्णव (ठेकेदार), आसींद से बजरंग दास वैष्णव (फौजी), जरना महादेव के अध्यक्ष गोपाल दास वैष्णव और रायला के वरिष्ठ पत्रकार गोपाल वैष्णव सहित प्रबुद्ध जन नाथू दास सोमसिया उपस्थित रहे।
नारी शक्ति और संस्कारों पर उद्बोधन:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भामाशाह रामस्वरूप वैष्णव ने समाज की एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने कहा:
”हम घर-घर जाकर वैष्णव पद्धति के संस्कारों का प्रचार-प्रसार करेंगे। आज के समय में नारी शक्ति को अपनी रक्षा स्वयं करने के लिए समर्थ होना चाहिए। समाज उनकी सुरक्षा और सम्मान का जिम्मा लेगा, क्योंकि खुद की रक्षा करना ही नारी शक्ति की असली पहचान है।”
समाज के गणमान्य जनों की उपस्थिति:
इस संगोष्ठी में समाज के कई वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्य मौजूद रहे, जिनमें सत्तू सालरिया, जगदीश दास (माल का खेड़ा), महादेव (लांबिया), मनोहर दास (कारोलिया खेड़ा), श्रवण दास (ब्राह्मण की सैररी), लक्ष्मण दास (सादास), शंकर दास (रायला) सहित ईश्वर दास, नंद दास, काना दास, रतन दास, विष्णु दास और श्याम दास शामिल थे।
समाचार के मुख्य आकर्षण (Key Highlights):
- विषय: सदाचार, संस्कार और समाज सुधार।
- लक्ष्य: घर-घर वैष्णव पद्धति के संस्कारों को पहुँचाना।
- संदेश: नारी शक्ति को आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करना।


