प्रभु प्राप्ति के लिए सेवा और भक्ति ही सर्वश्रेष्ठ मार्ग: भीलवाड़ा में संत दिग्विजय राम महाराज के प्रेरक प्रवचन
*भीलवाड़ा के भदादा मोहल्ला में रामस्नेही संत का भव्य स्वागत, ‘पदरावणी’ के दौरान उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब*
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा | 6 फरवरी, 2026
भीलवाड़ा शहर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पावन अवसर पर रामस्नेही संप्रदाय के सुप्रसिद्ध संत दिग्विजय राम महाराज इन दिनों भक्तों के बीच पहुंच रहे हैं। शुक्रवार प्रातः शहर के सांगानेरी गेट स्थित भदादा मोहल्ला में उदयलाल समदानी के निवास पर महाराज श्री की ‘पदरावणी’ हुई, जहाँ उन्होंने सत्संग और प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन का सार समझाया।
स्वागत में बिछाईं पलक-पावड़ें
महाराज श्री के आगमन पर समदानी परिवार सहित स्थानीय निवासियों ने ढोल-नगाड़ों और पुष्प वर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात महाराज ने सांगानेरी गेट स्थित दूदाधारी गोपाल मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन किए और देश-दुनिया की खुशहाली का आशीर्वाद लिया।
महाराज श्री के प्रवचन के मुख्य अंश:
सत्संग के दौरान संत दिग्विजय राम महाराज ने जीवन में सेवा और परोपकार के महत्व पर जोर देते हुए कहा:
- परोपकार ही पुण्य है: 18 पुराणों का सार यही है कि दूसरों को कष्ट पहुंचाना सबसे बड़ा पाप है और किसी की मदद करना सबसे बड़ा पुण्य।
- सेवा और भक्ति का संतुलन: “लाखों काम होने पर भी सेवा का समय निकालें और करोड़ों के काम छोड़कर भी भगवान की भक्ति करें, यही मानव जीवन की सार्थकता है।”
- सच्चा मार्ग: प्रभु प्राप्ति का सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग निस्वार्थ सेवा और अनन्य भक्ति ही है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस धार्मिक आयोजन में उदयलाल समदानी, महावीर समदानी, लोकेश समदानी, रामस्वरूप तोषनीवाल, रामनारायण सोमानी, सुशील जागेटिया, जेपी कोगटा, राधेश्याम अजमेरा, जय किशन मित्तल, अमोल जागेटिया, रामेश्वर तोषनीवाल, अशोक दरक, कैलाश भदादा, दिनेश भदादा, प्रशांत समदानी, राजेंद्र भदादा, अमित धूत और घनश्याम मंत्री सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु और महिलाएं उपस्थित रहीं।



