धर्मनगरी में उमड़ा उत्साह: सनातन मंगल महोत्सव के लिए मातृशक्ति ने भरी हुंकार, हरि शेवा आश्रम में जिम्मेदारियों का हुआ बंटवारा

✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा। धर्मनगरी भीलवाड़ा में आगामी सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में विभिन्न समाज और जाति-बिरादरी की मातृशक्ति की एक विशाल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में महिलाओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए महोत्सव को भव्य और यादगार बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
मातृशक्ति ही धार्मिक आयोजनों की आत्मा: महंत लक्ष्मण दास त्यागी
बैठक को संबोधित करते हुए श्री पंचमुखी दरबार के महंत लक्ष्मण दास त्यागी ने महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के संदेश को साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान की सफलता का आधार मातृशक्ति होती है। उनके समर्पण और संस्कारों के बिना कोई भी आयोजन पूर्णता प्राप्त नहीं कर सकता।
विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए सौंपी गई जिम्मेदारियां
बैठक के दौरान महोत्सव के सुचारू संचालन के लिए मातृशक्ति को अलग-अलग सेवा दायित्व सौंपे गए। महिलाओं ने उत्साहपूर्वक निम्नलिखित व्यवस्थाओं की कमान संभाली:
- कलश एवं शोभायात्रा: पोथी कलश यात्रा और भव्य शोभायात्रा का प्रबंधन।
- अतिथि सत्कार: बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और संतों का स्वागत।
- भोजन एवं प्रसाद: भोजन व्यवस्था और प्रसाद वितरण का अनुशासन।
- सांस्कृतिक एवं सजावट: कार्यक्रम स्थल की सजावट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की रूपरेखा।
भक्ति और सेवा भाव से ओत-प्रोत रहा वातावरण
बैठक का संचालन खुशबू शुक्ला ने किया। इस दौरान सुरेश गोयल, पल्लवी वच्छानी और चांदमल सोमानी ने भी अपने विचार व्यक्त किए और महोत्सव को सफल बनाने के सुझाव दिए। बड़ी संख्या में उपस्थित महिला कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और एकता का महापर्व है।
निष्कर्ष: बैठक के अंत में सभी ने सामूहिक संकल्प लिया कि यह दीक्षा दान समारोह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा। मातृशक्ति के इस अभूतपूर्व उत्साह को देखकर यह स्पष्ट है कि भीलवाड़ा में आयोजित होने वाला यह महोत्सव सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।


