“उतना ही लो थाली में, झूठा न जाए नाली में”: महाप्रसाद में अन्न सम्मान का अनूठा अभियान
सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह में श्री महेश सेवा फाउंडेशन की पहल, 60 कार्यकर्ताओं ने संभाली व्यवस्था
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा। “उतना ही लो थाली में, झूठा न जाए नाली में” के संदेश को साकार करते हुए श्री महेश सेवा फाउंडेशन ने सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के दौरान अन्न सम्मान की अनूठी पहल की। बस स्टैंड के सामने स्थित में आयोजित भंडारे में महाप्रसाद सम्मान समिति का गठन कर विशेष व्यवस्था संभाली गई।
समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाजजन महाप्रसाद ग्रहण करने पहुंचे। इस दौरान फाउंडेशन के करीब 60 पुरुष एवं महिला कार्यकर्ता जुटन प्लेट रखने के काउंटर पर तैनात रहे। कार्यकर्ताओं ने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपनी थाली में उतना ही प्रसाद लें, जितना ग्रहण कर सकें, ताकि अन्न व्यर्थ न जाए।
अन्न को देवतुल्य मानने का संदेश
फाउंडेशन पदाधिकारियों ने बताया कि भारतीय संस्कृति में अन्न को देवतुल्य माना गया है। ऐसे धार्मिक आयोजनों में अक्सर अनजाने में भोजन की बर्बादी हो जाती है। इसी को रोकने और समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से महाप्रसाद सम्मान समिति का गठन किया गया।
समाज में जागरूकता की सराहना
कार्यकर्ताओं की इस पहल को उपस्थित लोगों ने सराहा। कई श्रद्धालुओं ने भी संकल्प लिया कि वे भविष्य में किसी भी आयोजन में भोजन की बर्बादी नहीं होने देंगे।
फाउंडेशन की यह पहल न केवल धार्मिक आयोजन में अनुशासन और संवेदनशीलता का उदाहरण बनी, बल्कि समाज को अन्न के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का संदेश भी दे गई।


