भीलवाड़ा में उमड़ा आस्था का सैलाब: पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिया ‘बहु पढ़ाओ-देश बचाओ’ का नारा
भीलवाड़ा शिव महापुराण कथा: पहले दिन पहुंचे 4 लाख से अधिक श्रद्धालु
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा: राजस्थान के मेवाड़ की पावन धरा भीलवाड़ा में श्री शिव महापुराण कथा के पहले दिन ही श्रद्धा और भक्ति का ऐतिहासिक संगम देखने को मिला। प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले), जिन्हें भक्त प्यार से ‘कुबेर भंडारी’ कहते हैं, के मुखारविंद से कथा सुनने के लिए आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि 11 लाख वर्ग फीट का मेडिसिटी ग्राउंड भी छोटा पड़ गया।
बेटियों और बहुओं के लिए सशक्त संदेश
व्यास पीठ से पंडित प्रदीप मिश्रा ने समाज को झकझोरने वाला संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों को केवल घर-गृहस्थी ही नहीं, बल्कि खुद की रक्षा के लिए सामर्थ्यवान बनाना जरूरी है। उन्होंने आह्वान किया:
”बेटियों को शास्त्र पढ़ाने के साथ-साथ डंडा, तलवार और गोली चलाना भी सिखाएं। उन्हें इतना बलशाली बनाएं कि कोई उनकी तरफ आंख उठाकर न देख सके।”
साथ ही, उन्होंने एक नया नारा दिया— “बहु पढ़ाओ-देश बचाओ”। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर बहू शिक्षित होगी, तो वह पूरे परिवार की आने वाली पीढ़ियों को योग्य बनाएगी।
भजनों की रसगंगा में झूमे श्रद्धालु
कथा के दौरान जब ‘दमादम भोले शंकर’ और ‘भोले आपकी कृपा से सब काम हो रहा है’ जैसे भजन गूंजे, तो पूरा पांडाल झूम उठा। संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस भव्य आयोजन में पहले ही दिन साढ़े चार लाख फीट का डोम छोटा पड़ गया और सड़कों तक श्रद्धालुओं की कतारें नजर आईं।
महत्वपूर्ण बातें और सुरक्षा निर्देश
- कीमती आभूषण न पहनें: पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे कथा में सोने-चांदी के गहने पहनकर न आएं। उन्होंने कहा, “गले में सोना होगा तो चोर की नजर होगी, लेकिन रुद्राक्ष होगा तो महादेव की नजर होगी।”
- वीआईपी उपस्थिति: कथा के पहले दिन भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी, सांसद दामोदर अग्रवाल और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
- राज्यपाल का आगमन: 9 अप्रैल को राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े भी इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनेंगे।
कथा का समय और व्यवस्था
आयोजन समिति के अनुसार, कथा प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। पुलिस प्रशासन और आयोजन समिति ने पार्किंग, पेयजल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को कोई असुविधा न हो।


