खूनी गड्ढों में तब्दील हुआ शाहपुरा-सांगानेर स्टेट हाईवे: स्कूटी सवार अध्यापिका दलदल में फंसी, ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा। शाहपुरा-सांगानेर स्टेट हाईवे अब राहगीरों के लिए मौत का फांस बनता जा रहा है। ग्राम पंचायत माताजी का खेड़ा से गुजरने वाला यह मुख्य मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। पंचायत भवन, होटल केसर पैलेस और माताजी के मंदिर के सामने सड़क पर बने विशाल गड्ढे अब बारिश के पानी से भरकर जानलेवा दलदल का रूप ले चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने अब प्रशासन और टोल प्रबंधन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
बड़ा हादसा टला: गड्ढे में समाई अध्यापिका की स्कूटी
आज सुबह हाईवे की बदहाली का खौफनाक मंजर तब देखने को मिला जब एक अध्यापिका स्कूल जाते समय पानी से भरे गहरे गड्ढे में स्कूटी सहित गिर गईं। ग्रामीणों की सजगता से उन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोजाना कई मजदूर और राहगीर इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को जगाने के लिए गड्ढों में पेड़ की टहनियां लगाकर सांकेतिक विरोध भी दर्ज कराया है।
टोल प्रबंधन को अल्टीमेटम: ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’
हाईवे की इस दुर्दशा से आक्रोशित ग्रामीणों ने टोल प्रबंधक को कड़ी चेतावनी देते हुए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि 10 दिनों के भीतर माताजी का खेड़ा क्षेत्र की सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो “रोड नहीं तो टोल नहीं” के नारे के साथ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा और टोल वसूली को बंद कराया जाएगा। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार क्यों कर रहे हैं?
प्रशासनिक अनदेखी से बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि चंबल चौराहे पर जहां यह स्टेट हाईवे नेशनल हाईवे को क्रॉस करता है, वहां भी कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगा है। दुर्घटना संभावित क्षेत्र होने के बावजूद प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।
पीसीसी सदस्य संदीप महावीर जीनगर, डॉ. मोहम्मद इशाक, शंकर लाल जाट, शिवराज जाट, रामप्रसाद जाट, बंटी बंजारा, बाबूलाल नाथ, रमेश सेन, सुरेश सेन और राजू लाल जाट सहित दर्जनों ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में भी जाम लगाकर शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि अब इस सड़क पर कोई भी दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी टोल प्लाजा प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की होगी।


