शाहपुरा में गौ भक्तों का महाकुंभ: ‘गौ माता’ को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा। गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गौ सेवा हेतु सख्त राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग को लेकर आज शाहपुरा की सड़कों पर आस्था और उत्साह का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा शहर ‘जय गौ माता’ के नारों से गुंजायमान हो गया।
महलों के चौक से शुरू हुआ हुजूम
अभियान की शुरुआत प्रातः 10:00 बजे महलों के चौक से हुई। रैली में सबसे आगे श्रद्धालु हाथों में बैनर, तख्तियां और भगवा ध्वज लिए चल रहे थे, वहीं पीछे डीजे की धुनों पर नाचते-गाते गौ भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इसके साथ ही वाहन रैली में लहराती भगवा पताकाएं सनातन एकता का संदेश दे रही थीं।
11,000 हस्ताक्षरों के साथ सौंपा ज्ञापन
जिला गौ प्रचारक रामेश्वर लाल धाकड़ ने बताया कि गौ माता को सम्मान दिलाने के उद्देश्य से 11,000 हस्ताक्षर युक्त पत्रक तैयार किए गए। तहसील गौ प्रभारी सुगन बोहरा, नगर गौ प्रभारी दिनेश प्रजापत और सुमित प्रजापत ने इन पत्रकों को पारंपरिक मर्यादा के अनुसार लाल कपड़े में बांधकर और लच्छे में लपेटकर उपखंड अधिकारी (SDM) को सौंपा। यह ज्ञापन देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित किया गया है।
प्रमुख जनप्रतिनिधि और संगठन रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक रैली में स्थानीय विधायक डॉ. लालाराम बेरवा, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष रघुनंदन सोनी, मंडल अध्यक्ष जीवराज गुर्जर, बजरंग सिंह राणावत और पंकज सुगंधी सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
कार्यक्रम में राजाराम पोरवाल, रमेश मारू, अविनाश जीनगर, मोहनलाल गुर्जर, मुकेश प्रजापत, कन्हैया लाल वर्मा, जगदीश जाट, सुरेश गुर्जर, कालूराम बंजारा, जितेंद्र पाराशर, और महिला मोर्चा से तारा चास्टा व खुश राज वैष्णव ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हस्ताक्षर अभियान की टीम से सुमित प्रजापत, दिनेश प्रजापत, हितेश पेशवानी, राघव प्रताप और अन्य युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इस दौरान विभिन्न समाजों के प्रमुख, हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और हजारों की संख्या में गौ भक्त उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की हुंकार भरी।


