भारतीय सेना में देश सेवा और सम्मान का बड़ा अवसर: समाज सेवा शिविर में विद्यार्थियों को मिला करियर मार्गदर्शन
विशेष संवाददाता रामकिशन वैष्णव
गुलाबपुरा | स्थानीय श्री गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रहे समाज सेवा शिविर में विद्यार्थियों को भारतीय सेना में करियर बनाने और देश सेवा से जुड़ने के उपायों की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थल सेना के नायब सूबेदार कृष्णा राव तथा विशिष्ट अतिथि जितेंद्र प्रजापत उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करियर काउंसलर प्रकाश चौधरी ने की। संस्था प्रधान सत्यनारायण अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय सेना में सम्मान के साथ देश सेवा करने का यह एक उत्तम अवसर है।
सेना में करियर केवल आजीविका नहीं, बल्कि गौरव का मार्ग: नायब सूबेदार कृष्णा राव
मुख्य अतिथि कृष्णा राव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि भारतीय सेना का हिस्सा बनना केवल एक नौकरी पाना नहीं है, बल्कि देश के प्रति गौरव और सम्मान के साथ जीने का सबसे अच्छा माध्यम है। आज देश के युवाओं में सेना में जाने का भारी उत्साह है। उन्होंने विद्यार्थियों को थल सेना में प्रवेश के विभिन्न माध्यमों की विस्तार से जानकारी दी:
- 12वीं के बाद अधिकारी बनने के विकल्प:
- एनडीए (NDA – राष्ट्रीय रक्षा अकादमी): 12वीं (किसी भी विषय) के बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित यह परीक्षा सेना में जाने का सबसे लोकप्रिय मार्ग है।
- 10+2 टीईएस (तकनीकी प्रवेश योजना): भौतिकी, रसायन और गणित (PCM) से 12वीं उत्तीर्ण तथा जेईई मेंस (JEE Mains) देने वाले युवा बिना लिखित परीक्षा के सीधे एसएसबी (SSB) साक्षात्कार में सम्मिलित हो सकते हैं।
- स्नातक (ग्रेजुएशन) के बाद विकल्प:
- सीडीएस (CDS) परीक्षा: स्नातक के बाद UPSC द्वारा वर्ष में दो बार यह परीक्षा आयोजित की जाती है।
- एनसीसी (NCC) विशेष प्रवेश: जिन युवाओं के पास स्नातक के साथ-साथ एनसीसी का ‘C’ प्रमाण पत्र (न्यूनतम ‘B’ ग्रेड) है, उन्हें लिखित परीक्षा से छूट मिलती है।
- अग्निपथ योजना (अग्निवीर प्रवेश): 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण युवाओं के लिए अब सेना में जवानों की भर्ती ‘अग्निवीर’ के रूप में होती है। इसके लिए आयु सीमा 17.5 से 21 वर्ष है। इसमें चयन कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा (CEE) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (1.6 किमी की दौड़, पुल-अप्स और शारीरिक माप) के आधार पर होता है।
करियर काउंसलर ने दिए नीट और जेईई मेंस में सफलता के सूत्र
कार्यक्रम के अध्यक्ष और करियर काउंसलर प्रकाश चौधरी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए नीट (NEET) और जेईई मेंस (JEE Mains) की तैयारी के विषय में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए कौन-कौन से मुख्य अध्यायों और विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में यह सभी रहे उपस्थित
इस अवसर पर विद्यालय के शिविर संचालक अरविंद लड्ढा, सरोज शर्मा, जितेंद्र आंचलिया, राकेश शर्मा, घीसू जाट, रघुनाथ साहू, रेखा राठौड़ तथा पुष्पा देवी सहित कई शिक्षक और शिक्षार्थी उपस्थित रहे।
संवाददाता: मोनू सुरेश छीपा
स्रोत: द वॉयस ऑफ राजस्थान (thevoiceofrajasthan.com)


