शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के खिलाफ लामबंद हुए राजस्थान के सभी शिक्षक संगठन, तानाशाही रवैये और FIR के विरोध में 14 जून को जयपुर में महाबैठक
भीलवाड़ा/जयपुर (मोनू सुरेश छीपा – द वॉयस ऑफ राजस्थान)। राजस्थान में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कथित तानाशाहीपूर्ण और नकारात्मक रवैये के खिलाफ प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है। शिक्षकों की जायज मांगों को दबाने और लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में राज्य के तमाम शिक्षक संघ अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने के लिए आगामी 14 जून को जयपुर में सभी शिक्षक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों की एक महाबैठक बुलाई गई है।
शिक्षक रैली पर FIR दर्ज कराने की चौतरफा निंदा
राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि हाल ही में शिक्षक संघ सियाराम द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कोटा के रामगंजमंडी में एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक शिक्षक रैली निकाली गई थी। आरोप है कि इस रैली से नाराज होकर शिक्षा मंत्री ने अपने एक कार्यकर्ता के माध्यम से स्थानीय पुलिस थाने में शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट (FIR) दर्ज करवा दी।
इस दमनकारी कार्रवाई को लेकर जयपुर के लाल कोठी स्कीम स्थित शिक्षक भवन में ‘अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ’ (अरस्तु) के प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल की अध्यक्षता में सभी शिक्षक संगठनों की एक आपात संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए एक स्वर में निंदा प्रस्ताव पारित किया और दर्ज की गई एफआईआर को तुरंत वापस लेने की मांग की।
“शिक्षा और शिक्षार्थियों का हो रहा भारी नुकसान”
संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि शिक्षा मंत्री की कार्यशैली और नकारात्मक दृष्टिकोण के कारण वर्तमान में राज्य के भीतर शिक्षा व्यवस्था, शिक्षार्थियों और शिक्षकों का भारी अहित हो रहा है। इसके विरोध में और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए आगामी 14 जून को जयपुर में पुनः एक बड़ी बैठक आयोजित कर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बैठक में ये प्रमुख शिक्षक नेता रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख शिक्षक संगठनों के दिग्गजों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
- रामकृष्ण अग्रवाल (प्रदेश अध्यक्ष, शिक्षक संघ अरस्तु)
- अंजनी कुमार शर्मा (प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ)
- राधा मोहन मीणा (राजस्थान अध्यापक संघ TGT)
- डॉ. पंकज ओसवाल (राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद – रेसा)
- रूप सिंह मीणा (शिक्षक पदोन्नति संघर्ष समिति)
- कैलाश दादरवाल (प्रबोधक संघ)
- गिरिराज शर्मा (राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत)
- सियाराम शर्मा, वीरेन्द्र शर्मा एवं हेमंत कुमार जांगिड़ (राजस्थान शिक्षक संघ – सियाराम)
इन संगठनों ने फोन पर दिया समर्थन
बैठक में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने के अलावा प्रदेश के कई अन्य बड़े संगठनों ने भी इस निंदा प्रस्ताव और आगामी आंदोलन की रणनीति पर फोन के जरिए अपनी पूर्ण सहमति और समर्थन दर्ज कराया है। इनमें संस्कृत शिक्षा विभागीय समिति संघ, पंचायती राज शिक्षक संघ, विशेष शिक्षा शिक्षक संघ, राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर) और शिक्षक संघ (रेस्टा) जैसे प्रतिष्ठित संगठन शामिल हैं।
शिक्षक संगठनों की इस अभूतपूर्व एकजुटता से अब राजस्थान के शिक्षा विभाग और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।


