कार्यशाला में चित्रकला की बारीकियां सिखाई
✍️ *मोनू नामदेव।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा शाहपुरा के राउमावि विद्यालय परिसर में संचिना कला संस्थान की ओर से आयोजित चल रही चित्रांकन कार्यशाला में शुक्रवार को तीसरे दिन प्रतिभागियों को चित्रकला की विविध विधाओं और तकनीकी पहलुओं से परिचित कराया। कार्यशाला का अवलोकन करने पहुंचे नगर परिषद सभापति रघुनंदन सोनी, बीएसएनएल अहमदाबाद सेंट्रल के सहायक महाप्रबंधक प्रकाश पंचोली, अणुव्रत समिति के संयोजक गोपाल पंचोली तथा समाजशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. दीपक पंचोली ने प्रतिभागियों से संवाद कर उनके अनुभव साझा किए। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक चित्रकार इकबाल हुसैन ने शुक्रवार को प्रतिभागियों को विशेष पैटर्न देकर चित्र बनवाए। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि चित्र बनाते समय एकाग्रता और समय का समुचित प्रबंधन ही सफलता की कुंजी है।सह प्रशिक्षक पुनीत मंडेला ने वेस्ट मटेरियल यानी घर में पड़ी अनुपयोगी वस्तुओं से पेंटिंग तैयार करने की विधि बताई। उन्होंने कपड़ों पर पेंटिंग, रिसाइकल सामग्री का सजावटी उपयोग और पर्यावरणअनुकूल चित्रकला की महत्ता को रेखांकित किया। संचिना कला संस्थान के अध्यक्ष रामप्रसाद पारीक ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि कार्यशाला में प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए चित्रों की प्रदर्शनी कार्यशाला के समापनअवसर पर आयोजित की जाएगी, जिसमें आमजन भी कला कृतियों का अवलोकन कर सकेंगे। महासचिव सत्येंद्र मंडेला ने कार्यशाला का संचालन किया। इस अवसर पर बीएसएनएल के सहायक महाप्रबंधक प्रकाश पंचोली ने बच्चों के सर्वांगीण विकास की बात करते हुए कहा कि आज के समय में जब बच्चे मोबाइल और गेम की दुनिया में उलझते जा रहे हैं, तब ऐसे रचनात्मक शिविर उनके व्यक्तित्व और कल्पनाशक्ति को नया आयाम देने का कार्य कर रहे हैं। कार्यशाला के शिविराधिपति तेजपाल उपाध्याय ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार प्रकट किया। कार्यशाला में उपस्थित अतिथियों में गीतकार ओमप्रकाश सनाढ्य, चित्रकार महावीर सेन राणा, कैलाश कोली (कंपाउंडर), शिवप्रकाश जोशी और मूलचंद पेसवानी शामिल रहे। कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों की बनाई हुई उत्कृष्ट कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।


