*‼️मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो! खाने वालों की नक़ली जांच शुरू‼️*🙋♂️
_*राठौड़ बाबा ! प्लीज़ आप तो फटे में पाँव दो ही मत!*_❌
_*दे रहे हो तो कान खोल कर सुन लो!*_💁♂️
*✒️सुरेन्द्र चतुर्वेदी*
*मैय्या मेरी मैं नहीं माखन खायो! सूरदास जी का यह पद अब स्मार्ट सिटी के वे सारे अधिकारी और उस काल के राजनेता ढोल मज़ीरे बजा बजा कर गा रहे हैं। हर ज़िम्मेदार नामाक़ूल ख़ुद को पाक साफ़ और पारसा साबित करने में जुटा हुआ है। भाजपा और कांग्रेस के बीच एक दूसरे के माथे पर ठीकरे फोड़ने का अभ्यास किया जा रहा है।😣*
*कभी विधायक अनीता भदेल कांग्रेस को भ्रष्टाचार का दोषी बताती है तो कभी विधानसभा अध्यक्ष माननीय वासुदेव देवनानी! और दूसरी तरफ कभी न कुछ रहे मगर सब कुछ कहे जाने वाले कांग्रेसी नेता धर्मेंद्र राठौड़ की ज़ुबान मिसाईल दागने लगती है।*😳
*और असल में जो हरामी काजू बादाम वाला हलवा खा गए उनके लिए जाँच के ड्रामे किए जा रहे हैं। यू डी एच मिनिस्टर झाबर मल खर्रा ने जो जांच समिति बनाई वो क्या ख़ाक जांच करेगी। एक आर.ए.एस. तीन तीन आई.ए.एस. के कारनामों की कापियां जाँचेगा❓वाआह वाआह! मामूली सा एक ए ई एन एक्स.ई.एन. लेवल के अधिकारियों की जांच करेगा। कमाल की उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई गयी है। अद्द्भूत! और अविश्वसनीय!*👌
*इधर अजमेर कांग्रेस के कथित ठेकेदार धर्मेंद्र राठौड़ जयपुर में बैठा कर अतिरिक्त आक्रामक हो रहे हैं। स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों का चूना लगाने वालों को बेनक़ाब करने की जगह वह भाजपा को कोसने में बहादुरी समझ रहे हैं। जैसे उनके कहने से दोषियों की कलई खुल जाएगी।*😇
*मेरा तो राठौड़ बाबा से यही कहना है कि वह अपनी गाँधी छाप लाल डायरी देख कर बताएँ कि स्मार्ट सिटी योजना जब अजमेर में शुरू हुई थी तो राज्य में सरकार किसकी थी❓अधिकारियों का मनोनयन किसने किया❓रघु शर्मा की सियासती दादागिरी से कौन कौन अधिकारी ताक़तवर बनाए गए❓*🥺
*मोदी सरकार द्वारा दिये गए फंड से जब निर्माण और घपले शुरू हुए (2018 में) तब राज्य में राठौड़ साहब के सर्वस्व गहलोत मुख्यमंत्री थे। थे या नहीं❓*😯
*हाँ यह बात ज़रूर सही है कि उस समय अजमेर में दोनों विधायक भाजपा के थे मगर उनकी सियासती हैसियत रघु शर्मा और उनके यशस्वी पुत्र सागर शर्मा जितनी भी थी क्या❓*🤷♂️
*बेचारी अनीता बहन और देवनानी भइया को तो स्मार्ट सिटी की बैठकों तक की सूचना नहीं दी जाती थी। उनकी बात को सुनता कौन था❓फैसलों में उनकी राय ली कब जाती थी❓ऐसे में घपलों और घोटालों में उनकी भूमिका को राठौड़ बाबा जी! आप खोखले तर्कों से सिध्द क्यों करना चाहते हैं❓*😨
*आप यदि निगम के क्रमवार मेयरों धर्मेंद्र गहलोत और बृजलता हाड़ा का नाम लेते तो फिर ठीक था क्यों कि स्मार्ट सिटी के जितने दो कौड़ी के निर्माण और करोड़ों के घपले हुए उनमें उनकी सहभागिता पर उँगली जरूर उठाई जा सकती है। हर घपले में उनके हस्ताक्षर होंगे । सहमति होगी। जाँच करवा लें।*💁♂️
*राठौड़ बाबा! आपकी जानकारी में इज़ाफ़ा करते हुए बता दूँ कि स्मार्ट सिटी ने इस एलिवेटेड रोड हेतु फंड ट्रांसफर का जिम्मा राज्य के एक विभाग आर एस आर डी सी जो उस समय भी कांग्रेस सरकार के अंतर्गत आता था को ही दिया वहीं से लगभग 275 करोड़ की बंदर बांट हुई तो इसमें दोनों विधायक कैसे ज़िम्मेदार हो गए❓😱*
*बाबा जी! आप उस समय घन्टा बजाने क्यों नहीं आए जब एलिवेटेड रोड के मूल नक़्शे को एक कुख्यात नेता के कहने पर आपके आक़ा ने बदलवा दिया। मूल नक़्शे में तो यह ब्रिज़ बृजलता हाड़ा की तरह सीधा साधा था। पुरानी आर पी एस सी से शुरू होकर यह ब्रिज़ सीधा गवर्नमेंट कॉलेज़ उतरना था। मार्टिण्डल ब्रिज़ से ऊपर होता हुआ। यदि ऐसा ही हो जाता तो शहर का यातायात इतना बदहाल न हुआ होता। मगर शहर के कुछ हरामी दमदारों ने एक मंत्री की मदद से निजी स्वार्थों के आगे नक्शे के नक्षत्र ही बदल दिए! बाबा जी ज़रा गहलोत साहब जी से पूछ कर बताओ कि किस नामाक़ूल के कहने पर यह नक़्शा बदला गया❓😳*
*क्या यह तीसरी भुजा जो धंसने की शुरुआत कर रही है क्या उस मूल नक़्शे में थी❓🙄*
*निर्माण कर्ता कंपनी क्या एलिवेटेड रोड बनाने के लायक थी❓क्या एक विज्ञापन कंपनी को पुल बनाने का अनुभव था❓सौ करोड़ का जयपुर के काम में घाटे की भरपाई करने के लिए क्या सिंफोनिया ग्राफिक्स कम्पनी को उपक्रत करने के लिए ठेका नहीं दिया गया❓क्या काम से पहले ही उस अयोग्य कम्पनी को करोड़ों का भुगतान नहीं किया गया❓*🤨
*बाबा जी का टुल्लू उस समय क्यों नहीं बोला❓सिर्फ़ इसलिए ही ना कि सरकार कांग्रेस की थी❓देवनानी जी या अनीता जी ने यदि यह कुकर्म किया होता तो आप तब ही उनकी इज़्ज़त का फालूदा बना देते?*💯
*बाबा जी तब तो आपकी खोटी चव्वनी भी रुपए में चल रही थी। तब तो आप सायरन बजाती गाड़ियों के काफिले में मुख्यमंत्री का स्वाफ़ा पहन कर घूमते थे। तब तो आपने कोई आरोप किसी पर नहीं लगाया।*😳
*यदि आपने तभी देवनानी जी या भदेल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए होते तो जनता अब मान जाती। आपने तो तब नगर निगम के क्रमवार दोनों मेयरों पर भी आरोप नहीं लगाए क्यों कि वे कांग्रेस की बन्दर बाँट में व्यवधान नहीं पहुंचा रहे थे।*🥺
*बाबा जी! अजमेर में फटे हुए दूध के रसगुल्ले मत बनाओ! याद रखो दूध में फिटकरी कांग्रेस ने ही डाली थी।*🤪


