*‼️धरी न रह जाए अधिकारी महोदया की गारंटी‼️*🫢
_*राम सेतु का मालिक़ राम नहीं! ज़िला प्रशासन है!*_🙋♂️
_*खुल तो गया है पर कब तक खुला रहेगा? यह जर्जर पुल!*_🥺
*✒️सुरेन्द्र चतुर्वेदी*
*किस तरह प्रशासन में एक बड़ा अधिकारी दूसरे अधिकारी की सामाजिक बलि चढ़ा देता है यह बात हमेशा देखने लायक होती है। छोटा अधिकारी न चाहते हुए भी मनमसोस कर वह कर देता है जो वह करना नहीं चाहता।*🙄
*इस बात को आगे बढ़ाते हुए मैं आपको बताना चाहूँगा कि अजमेर का राम सेतु उर्फ़ एलीवेटेड रोड़ उर्फ़ जर्जर आवागमन ढाँचा !अब फिर से जनता के आने जाने के लिए खोल दिया गया है। विगत दिनों इसे अदालत के विद्वान न्यायाधीश ने आदेश देकर बन्द करवा दिया था। दो चार दिन में ही ज़िला प्रशासन! जनता और राजनेताओं के पेट का पानी विभिन्न रास्तों से बाहर आ गया।*😨
*पुल जो कल तक इतना कमज़ोर था कि उसके लिए कहा जा रहा था कि वह कभी भी धराशाही हो जाएगा अब इतना मज़बूत हो गया है कि एक मैम साहिबा ने उसके कुछ नहीं बिगड़ने की गारंटी दे दी है। जी हाँ अदालत में बाक़ायदा एक शपथ पत्र देकर पुल के मजबूत होने की बात कही गई है। उनके शपथ पत्र पर विद्वान न्यायाधीश ने भरोसा भी कर लिया है।*😱
*जिस भगवान राम ने शिवजी का धनुष तोड़ दिया था उसके पुल को तोड़े जाने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता। ऐसा मानना भले ही भगवान राम का न हो मगर हमारी इज़्ज़त मुआफ़ अधिकारी चारू मित्तल जी का है।*🙋♂️
*चारू मित्तल जी वही महिला अधिकारी हैं जिन्होंने पुल की तीसरी भुजा के धँसने पर भगवान गणेश जी की सवारी चूहे पर! पुल कुतरने का आरोप लगा दिया था।*😇
*हाल ही में गठित एक प्रशासनिक जांच कमेटी ने पूरे पुल को ख़तरनाक़ हालात में बताया। गुणवत्ता की दृष्टि से कमज़ोर बताया। दर्जनों कमियां बताईं। मगर उनकी जांच रिपोर्ट को मोहतरमा मित्तल साहिबा ने दर किनार कर दिया।*🫢
*और हां, “बात आज की” चैनल ने जो ग्राउंड लेबल पर जाकर पुल के गिरने की संभावनाओं पर आंखों देखा हाल बताया वह भी ताक पर रख दिया गया। यदि आज भी कोई समझदार अधिकारी उस आंखों देखा हाल की रिकॉर्डिंग देख ले तो कभी यह शपथ पत्र न दे कि पुल पूरी तरह बेख़तर है।आवागमन के लिए सुरक्षित है।*❌
*अरे जब पुल इतना ही मज़बूत था तो मित्तल साहिबा ने जांच समिति की रिपोर्ट को झूठा ठहराते हुए यह शपथ पत्र समिति को क्यों नहीं सौंपा❓*😣
*ज़रा सी बारिश में यदि पुल की कोई भुजा धँस सकती है तो क्या गारंटी की अन्य कोई भुजा नहीं धँसेगी❓क्या मित्तल साहिबा यह जान चुकी हैं कि तीसरी भुजा कमज़र्फ अधिकारियों की देख रेख में कमज़ोर बनाई गई थी और बाक़ी भुजाएं मज़बूती से बनाई गईं हैं ❓*😳
*हमने पुल का जिस आधार पर पोस्ट मार्टम किया और तीन साल पहले लिखा कि पुल हर हाल में धँसेगा! क्या उसका कोई जवाब मित्तल साहिबा के पास है❓यदि हमारी रिपोर्ट में दर्शाए तथ्य ग़लत हैं तो आएं और तथ्यों को झुटलाएँ! हम भी तो देखें कि उनके आत्मविश्वास के पीछे कैसी मज़बूती है❓* 😣
*यहाँ एक बात और पूछना चाहूँगा कि जब ये एलीवेटेड रोड़ पूरी तरह सुरक्षित है तो माननीय ज़िला कलेक्टर महोदय ने एम एन आई टी से जाँच करवाए जाने की बात क्यों कही है❓क्या उनको मित्तल साहिबा के शपथ पत्र पर यक़ीन नहीं❓क्यों स्थानीय स्तर पर गठित जाँच समिति ने इस पुल की जाँच योग्य अनुभवी लोगो से करवाये जाने की बात कही ❓*😯
*मित्रों! दरअस्ल बात ये है कि शपथ पत्र किसी की इच्छा से नहीं दिया गया बल्कि उच्चाधिकारियों के दवाब में दिया गया है। इसके पीछे सियासती दवाब का हाथ भी हो सकता है।*🤷♂️
*ज़रा सोचिए कि कोई भी समझदार अधिकारी इस बात की गारंटी कैसे ले सकता है कि पुल नहीं गिरेगा❓वह आवाज़ाही के लिए पूरी तरह सुरक्षित है! राम जी न करें, मगर यदि आवाज़ाही के समय कोई दर्दनाक हादसा हो जाए तो दी गई गारंटी कहाँ जाएगी❓गारंटी तो फिर वहीं जाएगी जिसके लिए राजस्थान में एक कहावत मशहूर है।*💯
*यह बात सही है कि यह पुल शहर के यातायात के दवाब को संतुलित करने के लिए बहुत ज़रूरी हो चुका है मगर माफ़ कीजियेगा मेरे शहर वासियों! यदि पुल का कोई भी हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ या किसी तरह की जान माल की हानि हुई तो उसके लिए आप किसे दोषी मानेंगे❓*🥺
*यातायात का कोई अन्य विकल्प तो ढूंढना ही पड़ेगा। आज नहीं तो कल। हादसे के पहले या हादसे के बाद। ईश्वर मेरे शहर वासियों को सदबुद्धि प्रदान करे।*🙄
*और अंत में ज़िला प्रशासन से एक करबद्ध प्रार्थना! इस पुल पर जगह जगह लिखवा दिया जाए कि लोग अपनी जान माल की हिफ़ाज़त ख़ुद करें।*🙋♂️


