*‼️नागौर में विधायक रेवंत डांगा सहित कई नेता कर रहे हैं अवैध खनन‼️*🫢
_*मुख्यमंत्री भजन लाल क्यों नहीं कर पा रहे सख़्त कार्यवाही??*_😳
_*क्या राज्य को किरोड़ी लाल मीणा का है इंतज़ार?*_😝
*✒️सुरेन्द्र चतुर्वेदी*
*नागौर के विधायक रेवंत राम डांगा को नमन! उन्होंने मुख्यमंत्री भजन लाल के नाम को जिस तरह रौशन किया और सरकार की छवि को ऊंचाइयों पर पहुंचाया इसके लिए वह निश्चित रूप से बधाई के पात्र हैं। खनन विभाग के लिए क्यों कि भजन लाल स्वयं ज़िम्मेदार हैं और वह अलग अलग प्लेटफार्म पर अक्सर खनन माफ़ियायों के विरुद्ध मुठ्ठी तानते रहे हैं इसलिए आज का ब्लॉग उनको और विधायक रेवंत राम को समर्पित है।*💁♂️
*विधायक महोदय यदि मेरे इस ब्लॉग में वर्णित तथ्यों पर कुछ सफ़ाई देना चाहें तो उनका स्वागत है मगर यदि वह किसी अन्य तरीके से भी विरोध करना चाहें तो उनको स्वतंत्रता है। मानहानि का विकल्प भी उनके पास है। यहाँ बता दूं कि सिर्फ़ रेवंत राम ही नियम विरुद्ध खनन नहीं कर रहे। कई पार्टियों के जन प्रतिनिधि भी इस अवैद्य खनन में जुटे हैं।कुछ का कच्चा चिठ्ठा इस ब्लॉग में वर्णित है।*💁♂️
*मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा विभिन्न बैठकों में भले ही अवैध खनन रोकने का दावा कर रहे हों लेकिन नागौर के हालात उलट हैं।*💯
*यहां विभिन्न राजनीतिक दलों के कई नेता और जनप्रतिनिधि प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से अवैध खनन कर रहे हैं। खनन विभाग इस पर रोक लगाने की बजाय सप्ताह में एक दो डंपर ट्रैक्टर जप्त कर मामूली जुर्माना लगाकर खानापूर्ति कर रहा है।*🤷♂️
*अवैध खनन करने वालों में सबसे बड़ा नाम विधायक रेवंत राम डांगा का है । आज़ादी के बाद से सरपंच पद पर उनके परिवार का कब्जा है । फिर वह प्रधान भी रहे और अब विधायक हैं। उन्होंने भावंडा क्षेत्र में अपने पुत्र के नाम ज़मीन ख़रीदी और 2.80 हेक्टेयर क्षेत्र से चार लाख टन पत्थर निकालकर बेच दिया ।*🫢
*खसरा संख्या 1042 वाली इस ज़मीन पर लगभग 2 साल तक खनन चला। कुछ समय पहले जयपुर से आई टीम ने ज़िले में अवैध खनन के ख़िलाफ़ कार्रवाई की तो लोगों ने इनकी शिकायत भी की मगर सुनवाई नहीं हुई ।*❌
*एक स्थानीय अखबार की पड़ताल में सामने आया कि कार्यवाही और 60 करोड़ के ज़ुर्माने से बचने के लिए विधायक डांगा ने कुछ समय पहले नियम विरुद्ध जाकर यह ज़मीन अपने पुत्र से साल के बेटे के नाम ट्रांसफर करवा दी।*
*खनिज विभाग के नियम अनुसार किसी ने दो हेक्टेयर ज़मीन में 30 फीट गहराई तक खनन किया है तो 5 लाख टन मलबे सहित पत्थर निकाला है। इसमें एक लाख टन मिट्टी कंकर हो सकते हैं ,लेकिन चार लाख टन तो पत्थर निकलता है। ऐसे में 1451 रुपए प्रति टन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है। यानी 60 करोड रुपए जुर्माना लगता है ।*🙄
*खातेदारी ज़मीन पर सीधे खनिज विभाग के बजाय तहसीलदार कार्रवाई करता है। खनन पाए जाने पर पहले रिपोर्ट दर्ज करते हैं। खनिज विभाग से खनन रिपोर्ट बनवा दी जाती है। उसके आधार पर खातेदार को नोटिस दिया जाता है और तय अवधि में जुर्माना न भरने संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान है।*👍
*इससे बचने के लिए विधायक ने विगत 9 मई को ज़मीन की नियम विरुद्ध रजिस्ट्री अपने साले के बेटे महेंद्र मिर्धा के नाम करवा दी । इसके लिए भूमि को असिंचित बताया , जबकि यहां खनन हो चुका है। पटवारी व तहसीलदार ने भी खातेदारी निरस्त करने के बजाय नियम विरुद्ध जाकर ज़मीन का बेचान महेंद्र के नाम करवा दिया ।*🫢
*अवैध खनन में अधिकारी कभी मौका तक नहीं देख रहे। विधायक डांगा से जब फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे पुत्र के नाम ऐसी कोई ज़मीन नहीं है । ना ही मैंने ऐसी किसी ज़मीन का बेचान करवाया है। इसके बाद डांगा ने फोन काट दिया।*🙄
*इस बारे में जब नागौर के एम.इ.जयप्रकाश गोदारा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अवैध खनन से कई नेता जुड़े हैं , यह कभी जानकारी में नहीं आया। अवैध खनन करते पाए जाने पर कार्रवाई होगी । खनन निजी खसरे में है तो तहसीलदार रिपोर्ट दर्ज करा कर हमें बताएंगे तो हम रिपोर्ट बनाकर देंगे।*💁♂️
*मज़ेदार बात यह है की नागौर में डांगा ही नहीँ और भी कई नेता अवैध खनन में जुड़े हुए हैं ।*🙋♂️
*कांग्रेस नेता अरविंद आचार्य की बात की जाए तो उन्होंने पहले तांतावास में खनन किया। विरोध हुआ तो वहां बंद कर बैराथल के पास खनन करने लगे ।*😨
*अरविंद का कहना है मैं तो बिजली विभाग में कांटेक्टर हूं मेरे नाम से ना तो कोई माइन्स हैं न हीं मैंने कभी कोई खनन किया है।*❌
*और यदि आप पार्टी के नेता की बात करें तो जैत सिंह ने भेड़ के खसरा नमंबर 163 में खनन किया। इनके खिलाफ खनिज विभाग के सर्वेयर महेंद्र ने 11 जून को पांचौड़ी थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी, लेकिन अब तक ना तो खनन का आंकड़ा निकाला गया और ना ही ज़ुर्माने की कार्रवाई की गई।*🥺
*चलिए एक और राजनेता की बात की जाए। ये हैं आरएलपी के रामदेव बिश्नोई। इन्होंने माइंस की आड़ में ताँतावास में सरकारी ज़मीन पर खनन किया। रवन्ना भी फ़र्ज़ी काटे। पर कार्रवाई नहीं हुई।*😳
*रामदेव कहते हैं मेरे नाम से एक कंपनी है। लोग मकान बनाने को पत्थर तो ले ही जाएंगे । मैं क्या सभी करते हैं।*😱
*इसके अलावा भावेडा के पूर्व सरपंच भोम सिंह वह उनके भाई भी खनन कर रहे हैं। खसरा संख्या 726 में 1 साल से खनन हो रहा है। सड़क किनारे 30 -35 फीट खान खोद दी गई है। जब भोम सिंह से बात हुई तो वह बोले खनन की जानकारी उनको नहीं है।*😣
*सवाल अब यहां यह उठता है कि क्या मुख्यमंत्री भजन लाल सरकार लोगों के मुँह देखकर कार्यवाही कर रही है। रसूखदारों को बचाया जा रहा है। यह तो प्रमोद भाया के कार्यकाल में भी हो रहा था। आखिर क्या फ़र्क़ पड़ गया है सत्ता का लेबल बदलने से❓क्या आप लोग भी महसूस नहीं करते कि ऐसे हालातों में राज्य को किरोड़ी लाल मीणा जैसे मुख्यमंत्री की ज़रूरत है❓*🤨


